
90 दिनों तक Air India-IndiGo की कई फ्लाइट्स रद्द रहेंगी। (PC: Air India)
Air India और IndiGo ने 90 दिनों के लिए अपनी घरेलू उड़ानों में बड़ी कटौती का फैसला किया है। 1 जून से शुरू होने वाली इस कटौती का असर देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट दिल्ली और मुंबई से उड़ान भरने वाले यात्रियों पर सबसे ज्यादा पड़ेगा। Air India अपनी करीब 15 फीसदी घरेलू उड़ानें बंद करेगी। वहीं, IndiGo की बात करें तो भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन अपनी 5 से 7 फीसदी घरेलू सेवाएं कम करेगी।
Air India के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक मुंबई से अहमदाबाद, नागपुर, पटना और भोपाल की फ्लाइट्स की संख्या कम होगी। दिल्ली से हैदराबाद, बेंगलुरु और कोलकाता जाने वाली कई उड़ानें भी बंद की जाएंगी। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी रूट को पूरी तरह बंद नहीं किया जाएगा, बस उस सेक्टर पर फ्लाइट्स की संख्या घटाई जाएगी। इसके अलावा दक्षिण भारत के रूट्स पर भी कुछ रिटर्न फ्लाइट्स को कैंसिल किया जाएगा।
Air India के सूत्र के अनुसार 1 जून से 31 अगस्त के बीच जो फ्लाइट्स बंद की जाएंगी उन्हें वेबसाइट से पहले ही हटा दिया गया है। इसका मतलब यह है कि यदि आप इस दौरान कोई फ्लाइट सर्च कर रहे हैं और वह दिख नहीं रही, तो वह कैंसिल हो चुकी है। IndiGo ने भी इसी प्रक्रिया को अपनाया है।
जो यात्री पहले से इन रूट्स पर टिकट बुक कर चुके हैं उन्हें एयरलाइन की तरफ से अलर्ट मिल सकता है। कंपनी की ओर से ऐसे यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी बुकिंग एक बार फिर से एयरलाइन की वेबसाइट या ऐप पर जाकर कन्फर्म करें।
इन कटौतियों की मुख्य वजह एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की कीमतों में तेज उछाल है। Air India में घरेलू उड़ानों के लिए ATF की लागत पहले 80,000 रुपए प्रति किलोलीटर थी। अब यह बढ़कर 1 लाख रुपए प्रति किलोलीटर से ज्यादा हो गई है। यह बढ़ोतरी US-Iran युद्ध छिड़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने के कारण हुई है। इसके अलावा हर राज्य में ATF पर अलग-अलग VAT लगाया जाता है जिससे शहर दर शहर लागत अलग होती है। Air India का कहना है कि इतनी ऊंची ईंधन कीमतों पर उड़ानें चलाना आर्थिक रूप से नुकसानदेह है।
ATF के साथ-साथ सीजनल डिमांड भी इस कटौती का कारण है। जून से अगस्त का समय स्कूली छुट्टियों के बाद का दौर होता है, जब घरेलू हवाई यात्रा की मांग काफी कम हो जाती है। IndiGo के सूत्र के मुताबिक इस दौरान ऐतिहासिक रूप से सीटों की ऑक्युपेंसी कम रहती है, यानी कि अधिकतर सीट खाली रहती है।
इसके अलावा Air India ने अपनी इंटरनेशनल फ्लाइट्स भी जून से अगस्त के बीच कम की हैं। इसका असर यह होगा कि दिल्ली और मुंबई जैसे एयरपोर्ट पर इंटरनेशनल कनेक्टिंग यात्रियों की संख्या घटेगी, जिससे इन एयरपोर्ट्स से जुड़ी डोमेस्टिक फ्लाइट्स की मांग भी कम होगी।
Air India और IndiGo मिलकर भारतीय एविएशन मार्केट के 90 फीसदी से ज्यादा हिस्से को कंट्रोल करती हैं। ऐसे में दोनों एयरलाइंस का एक साथ पीछे हटना जून से अगस्त के दौरान यात्रियों के लिए कम विकल्प और महंगे टिकट का संकेत देता है।
Published on:
27 May 2026 09:57 am
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