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फ्यूचर ग्रुप से डील तोड़ने के बाद Reliance इस बड़ी विदेशी कंपनी से डील करने वाली पहली भारतीय कंपनी

Reliance Industries: मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्री ने मिडल ईस्ट की Abu Dhabi National Oil Company कंपनी के साथ बड़ी डील की है। इस तरह से विदेशी कंपनी के साथ डील करने वाले ये पहली कंपनी बन गई है।

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Mahima Pandey

Apr 27, 2022

Mukesh Ambani’s Reliance In $2 Billion JV To Build Abu Dhabi Petrochemical Plant

Mukesh Ambani’s Reliance In $2 Billion JV To Build Abu Dhabi Petrochemical Plant

फ्यूचर ग्रुप के साथ 24713 करोड़ रुपए की डील रद्द करने के बाद अरबपति मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) के साथ एक बड़ी डील की है। रिलायंस इंडस्ट्री ने अबू धाबी में 2 बिलियन डॉलर पेट्रोकेमिकल उत्पादन सुविधा बनाने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत में ऊर्जा प्रदान करने वाली दिग्गज कंपनी रिलायंस ने मिडिल ईस्ट में अपना पहला निवेश किया है। इस तरह से ये कंपनी भारत की पहली कमोनी भी बन गई है जिसने विदेशी कंपनी के साथ इस तरह की डील की है।


ADNOC और UAE के सॉवरेन वेल्थ फंड ADQ के साथ साझेदारी में, रिलायंस अबू धाबी से लगभग 240 किलोमीटर पश्चिम में रुवाइस में ताज़ीज़ इन्डस्ट्रीअल कॉम्पलेक्स (Ta’ziz industrial complex) में एक विश्व स्तरीय पेट्रोकेमिकल्स फैक्ट्री का निर्माण करेगी। फ्यूचर ग्रुप के साथ डील टूटने के बाद रिलायंस कंपनी ने ये बड़ा सौदा किया है जिसे काफी अहम माना जा रहा है।

इंडस्ट्री एंड एडवांस टेक्नोलॉजी मिनिस्टर और ADNOC समूह के सीईओ अल जाबेर ने एक बयान में कहा, "रिलायंस एक महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है और ताज़ीज़ में हमारा सहयोग संयुक्त अरब अमीरात और भारत के बीच गहरे संबंधों को मजबूत करने के साधन के रूप में औद्योगिक और ऊर्जा सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करता है। हम कई अवसर पैदा करने और यूएई के इंडस्ट्रियल और मैनुफैक्चरिंग ग्रोथ को आगे बढ़ाने के लिए इस साझेदारी और ताज़ीज़ में प्रगति पर निर्माण कर रहे हैं।"

यह भी पढ़े - रिलायंस ने फ्यूचर ग्रुप के साथ 24713 करोड़ रुपए की डील रद्द की

रिलायंस और ADNOC के साथ हुई डील के बाद संयुक्त बयान में साझेदारों ने मंगलवार को कहा कि ताज़ीज़ में क्लोर-क्षार, एथिलीन डाइक्लोराइड और पॉलीविनाइल क्लोराइड जैसे रसायनों का उत्पादन होगा। यह संयुक्त अरब अमीरात में पहली ऐसी सुविधा होगी, जो घरेलू खपत के साथ-साथ साउथ ईस्ट एशिया और अफ्रीका को निर्यात के लिए उच्च मूल्य वाले पेट्रोलियम उत्पाद बनाने की पहल के हिस्से के रूप में ताज़ीज़ औद्योगिक परिसर विकसित कर रही है।

वहीं, मुकेश अंबानी ने अल जाबेर के साथ किए गए समझोते के बाद कहा, "यह ज्वाइंट वेंचर भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच मजबूत और बढ़ते संबंधों का प्रमाण है और दोनों देशों की ताकत पर बनी ऐसी और परियोजनाओं के लिए एक बेंचमार्क होगा।" अंबानी ने देश में रिन्युएबल एनर्जी और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं को विकसित करने के अवसरों का पता लगाने के लिए मसदर के सीईओ मोहम्मद जमील अल रामही से भी मुलाकात की। मसदर वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा पावरहाउस बनने के लिए संयुक्त अरब अमीरात की महत्वाकांक्षी योजना के प्रमुख हैं।