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Budget 2022: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर दिया जोर, पूंजीगत खरीद 68 फीसदी बढ़ी

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि पूंजीगत खरीद 68 फीसदी बढ़ी है।

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Mahima Pandey

Feb 01, 2022

Budget 2022: 68 of defence capex to be kept for domestic companies

Budget 2022: 68 of defence capex to be kept for domestic companies

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अपना चौथा केंद्रीय बजट पेश कर रही हैं। बजट पेश करते हुए निर्मला सीतारमण ने बड़े शहरों के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि उद्योग के लिए कॉल गैसीफिकेशन हेतु 4 प्राइवेट परियोजनाएं की जाएंगी स्थापित। इसके साथ रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता पर भी जोर दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि पूंजीगत खरीद 68 फीसदी बढ़ी है।

रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा

वित्त मंत्री ने कहा कि रक्षा उपकरणों के आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए घरेलू उद्योग के लिए पूंजी खरीद बजट का 68% घरेलू उद्योग के लिए 2022-23 में निर्धारित किया जाएगा, जो 2021-22 में 58% था।

-भू-स्थानिक तंत्र और ड्रोन, सेमीकन्डक्टर और आंतरीक्ष अर्थव्यवस्था में संभावनाएं।

रक्षा में अनुसंधान या रिसर्च के लिए बजट 25 फीसदी बढ़ा

वित्त मंत्री ने घोषणा की कि उद्योगन, स्टार्ट-अप और शिक्षा बजट के लिए रक्षा बजट का 25 फीसदी दिया जाएगा। उन्होंने कहा, सरकार की ओर से रक्षा में अनुसंधान या रिसर्च के लिए 25 फीसदी बजट आवंटन बढ़ाया जाएगा। इस बजट में डिफेंस सेक्टर के लिए काफी ध्यान दिया जा रहा है क्योंकि सीमाओं पर अतिरिक्त परिस्थितियां हैं।

पूंजीगत व्यय में बढ़त

वित्त मंत्री ने कहा, बजट 2021-22 में सार्वजनिक निवेश और पूंजीगत व्यय में वृद्धि हुई है। इस बजट (2022-23) से युवाओं, महिलाओं, किसानों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति को लाभ होगा। यह पीएम गति शक्ति मास्टर प्लान द्वारा निर्देशित होगा।

इस बार बजट में पूंजीगत व्यय के लिए परीव्यय में तेजी से बढ़ोतरी की गई है। 2022-23 में ये परिव्यय जीडीपी का 2.9 फीसदी रहा। वित्त वर्ष 2022-23 के लिए 35.4 फीसदी की बढ़त के साथ केन्द्रीय बजट में 7.50 लाख करोड़ रुपये पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है।

वित्त मंत्री ने कहा कारगर चक्र को निजी निवेश की ओर प्रेरित करने के लिए सरकारी निवेश की आवश्यकता है। कारगर पूंजीगत व्यय 2022-23 में अनुमानतः 10.68 लाख करोड़ है जोकि जीडीपी का 4.1 फीसदी है।

स्पेशल इकनॉमिक जॉन में होगा बदलाव

वित्त मंत्री ने बजट पेश करते हुए कहा, स्पेशल इकनॉमिक जॉन की जगह बनाया जाएगा एक नया कानून जिससे राज्यों को आपसी समन्वय स्थापित करने में और आसानी होगी। यह बदलाव मौजूदा औद्योगिक परिक्षेत्रों को कवर करेगा और निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाएगा।

सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए बजट में क्या है?

वित्त मंत्री ने बताया कि सौर ऊर्जा उत्पादन के लिए बजट में 19,500 करोड़ रुपये का आवंटन बढ़ाया गया है। वहीं, देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए नए चार्जिंग स्टेशन्स लगाने की भी घोषणा की। इसके साथ ही कहा, देश में सौर ऊर्जा के लिए सोलर पैनल आधारित बिजली प्रोजेक्ट्स के विकास पर जोर दिया जाएगा।