कोरोना के इलाज में मिलेगी मदद, अमरीका की Eli Lilly and Company ने भारत में Baricitinib बनाने के लिए दी मंजूरी
नई दिल्ली। देशभर में तेजी से बढ़ रहे कोरोना वायरस ( Coronavirus in India )के खतरे के बीच एक राहत की खबर सामने आई है। अब देश में कोरोना की दवा सस्ते में उपलब्ध होगी। दरअसल अमरीका की दिग्गज दवा कंपनी एली लिली एंड कंपनी ( Eli Lilly and Company ) की कोरोना की नई दवा Baricitinib भारत में कम कीमत पर मिलेगी।
इसके लिए कंपनी ने इसे भारत में बनाने और बेचने के लिए भारत की जेनरिक दवा कंपनियों के साथ करार किया है। इसके तहत सिपला लिमिटेड, ल्यूपिन लिमिटेड और सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड को रॉयल्टी फ्री नॉन एक्सक्लूसिव वॉलंटरी लाइसेंस जारी कर दिया है।
भारतीय ड्रग कंट्रोलर ने 3 मई को कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज में रेमडेसिविर के साथ बारिसिनिब ( Baricitinib ) के आपातकाल इस्तेमाल की मंजूरी दी थी। इसके बाद अब अमरीकी कंपनी लिली भारतीय जेनरिक दवा बनाने वाली कंपनियों को लाइसेंस देने की तैयारी कर रही है।
लिली का कहना है कि वह कई और भारतीय कंपनियों की इस तरह का लाइसेंस देने के लिए बातचीत कर रही है। कंपनी का कहना है कि इससे हाई क्वालिटी मैन्युफैक्चरिंग सुनिश्चित करने के साथ ही कोरोना के मरीजों के लिए दवा का विकल्प बढ़ जाएगा।
कोरोना संकट में मिलेगी मदद
कंपनी का कहना है कि संकट की इस घड़ी में कंपनी अपनी इनोवेटिव दवाओं के जरिए भारत की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही कंपनी भारत सरकार को डोनेशन भी दे रही है, जिससे वह कोरोना के बोझ को कुछ कम कर सकती है।
सिपला लिमिटेड के एमडी और ग्लोबल सीईओ उमंग वोहरा की मानें तो कोरोना से जंग में कंपनी लगातार अग्रिम मोर्चे पर खड़ी है। वहीं लिली के साथ पार्टनरशिप इसका बड़ा उदाहरण है।
आपको बता दें कि अमरीकी कंपनी ने 4 मई को घोषणा की थी कि वह सीधे रिलीफ के जरिए भारत को तुरंत बारिसिटिनिब की 4 लाख टैबलेट उपलब्ध करा रही है।