2 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

महंगाई भत्तेे में 3 फीसदी की बढ़ोतरी, इन कर्मचारियों को होगा 5000 रुपये महीने तक का फायदा

Dearness Allowance बढ़ाने से राज्य सरकार पर करीब 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक बोझ पड़ेगा।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Ashish Deep

Aug 25, 2025

Dearness allowance increased

7वें वेतन आयोग का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 तक है। (फोटो सोर्स : Free Pic)

ओणम त्योहार से पहले केरल सरकार ने अपने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (Dearness Allowance) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। हालांकि एरियर देने के नाम पर सरकार ने चुप्पी साध रखी है। अब कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर 20 फीसदी पर पहुंच गया है। इस बढ़ोतरी से सरकारी कर्मचारियों की सैलरी 700 रुपये से 5000 रुपये महीने तक बढ़ जाएगी।

महंगाई राहते को भी सरकार ने दी मंजूरी

सरकार ने राज्य कर्मचारियों और शिक्षकों को DA के साथ पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (DR) देने की भी मंजूरी दी है। वित्त मंत्री केएन बालगोपाल ने बताया कि यह संशोधित पेमेंट 1 सितंबर से मिलने वाले वेतन और पेंशन में प्रभावी होगा।

शिक्षक और डॉक्टरों को भी फायदा

वित्त मंत्री ने कहा कि इस दायरे में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC), अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) और चिकित्सा सेवाओं से जुड़े कर्मचारी भी आएंगे। इस कदम से राज्य सरकार पर करीब 2,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वार्षिक बोझ पड़ेगा। हालांकि, मंत्री ने इसे सरकार की अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के प्रति प्रतिबद्धता बताया।

महंगाई भत्ते की दूसरी किस्त

उन्होंने याद दिलाया कि यह इस साल दी जा रही दूसरी किस्त है। इसके अलावा, बीते वर्ष भी दो किस्तें जारी की गई थीं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी के बावजूद राज्य सरकार ने वेतन पुनरीक्षण (Pay Revision) से जुड़े अपने सभी वादों को समय पर पूरा किया। बालगोपाल ने कहा कि राज्य सरकार ने 2021-22 वित्तीय वर्ष से ही महंगाई भत्ते का भुगतान नकद रूप में करना शुरू कर दिया था और यह सिलसिला लगातार जारी है। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को राहत पहुंचाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाना सरकार की जिम्मेदारी

वित्त मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य की वित्तीय स्थिति चुनौतीपूर्ण होने के बावजूद कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समय-समय पर राहत दी गई है। उन्होंने कहा कि जब कोविड महामारी के दौरान राजस्व घटा और विकास कार्य प्रभावित हुए, तब भी सरकार ने वेतन और पेंशन भुगतान में कोई कटौती नहीं की। सरकार का यह फैसला कर्मचारियों के हाईकोर्ट में वाद दायर करने के बाद आया है। राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव भी होने हैं।