
ATM और UPI से निकलेगा PF का पैसा (फोटो - पत्रिका)
करोड़ों नौकरीपेशा लोगों के भविष्य निधि यानी PF को मैनेज करने वाली संस्था EPFO (Employees' Provident Fund Organisation) अब पूरी तरह डिजिटल रूप लेने की तैयारी में है। UPI से तत्काल PF निकासी से लेकर नई स्कीमों तक, EPFO अपने पूरे सिस्टम को नए सिरे से खड़ा कर रहा है। इसका मकसद PF सेवाओं को तेज, आसान और पारदर्शी बनाना है। पहले EPFO का सिस्टम कई अलग-अलग हिस्सों में बंटा हुआ था, जिससे क्लेम प्रोसेस में समय लगना, डेटा मैचिंग में दिक्कत आना, यूजर्स को बार-बार वेरिफिकेशन के लिए चक्कर काटना पड़ता था। CITES 2.0 इन सभी समस्याओं को ठीक करने के लिए बनाया गया है
EPFO अभी तक पुराने IT सिस्टम पर चल रहा था। इसी समस्या को सुलझाने के लिए संगठन ने Centralised IT Enabled System यानी CITES 2.0 लॉन्च किया है। यह एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो पुराने सभी अलग-अलग सिस्टम की जगह लेगा। इसका सीधा फायदा यह होगा कि क्लेम प्रोसेसिंग तेज होगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और करोड़ों सब्सक्राइबर्स को अपने खाते की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
CITES 2.0 की सबसे बड़ी और सबसे चर्चित सुविधा है UPI के जरिए तत्काल PF निकासी। शुरुआत में यह मार्च में लॉन्च होनी थी, लेकिन अंतिम मॉड्यूल की टेस्टिंग जारी रहने के कारण इसे मई के अंत तक के लिए टाल दिया गया है। एक बार लॉन्च होने के बाद EPFO सदस्य पोर्टल या मोबाइल ऐप पर जाकर अपना UAN नंबर और आधार आधारित OTP से लॉगिन करेंगे। इसके बाद निकाली जाने वाली रकम दर्ज करनी होगी और UPI ID देनी होगी। सिस्टम UPI ID को रजिस्टर्ड EPF डिटेल्स से मिलाएगा और वेरिफिकेशन होते ही रकम सीधे लिंक्ड बैंक अकाउंट में पहुंच जाएगी।
UPI निकासी सुविधा के साथ EPFO ने एक अहम सुरक्षा नियम भी तय किया है। नौकरी में रहते हुए कोई भी सदस्य अपना पूरा PF बैलेंस नहीं निकाल सकेगा। कर्मचारी का योगदान, कंपनी का योगदान और जमा ब्याज, तीनों को मिलाकर बने कुल बैलेंस का अधिकतम 75 फीसदी ही निकाला जा सकेगा। कम से कम 25 फीसदी रकम रिटायरमेंट के लिए खाते में बनी रहेगी।
EPFO सिर्फ टेक्नोलॉजी नहीं बदल रहा, बल्कि कानूनी ढांचा भी नया हो रहा है। सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020 के तहत 'सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज' ने तीन नई स्कीमों को मंजूरी दे दी है। EPF Scheme 2026, EPS 2026 और EDLI Scheme 2026 मौजूदा स्कीमों की जगह लेंगी। इससे भविष्य निधि, पेंशन और बीमा लाभों का प्रबंधन ज्यादा व्यवस्थित और कानूनी रूप से मजबूत होगा। यह तीनों स्कीमें मिलकर EPFO के पूरे ढांचे को आधुनिक बनाएंगी।
इन सभी बदलावों को मिलाकर जो तस्वीर बनती है उसे EPFO 3.0 कहा जा रहा है। तेज निकासी, कम कागजी झंझट, पारदर्शी प्रक्रिया और लंबी अवधि की सुरक्षा, यही EPFO 3.0 का सार है। देश में करोड़ों संगठित क्षेत्र के कर्मचारी इस बदलाव से सीधे प्रभावित होंगे। जो सिस्टम कभी लंबी कतारों और हफ्तों की प्रतीक्षा के लिए जाना जाता था, वह अब UPI जितना तेज और सरल बनने की राह पर है।
Published on:
24 Apr 2026 05:34 pm
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