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EPS से अगर लेनी है अधिक पेंशन तो करें शीघ्र एप्लाई, 60 दिन के लिए बढ़ाई लास्ट डेट

अगर आपको अपनी पेंशन कई गुना मतलब अधिक से अधिक चाहिए तो कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) के लिए एप्लाई कर दें। 3 मार्च अंतिम डेट थी। पर EPFO ने अधिक पेंशन का विकल्प चुनने की समय-सीमा बढ़ा दी है। अब इस Date तक कर आवेदन सकेंगे। अगर चूक गए तो आपके हाथ से निकल जाएगा मौका।

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EPS से अगर लेनी है अधिक पेंशन तो करें शीघ्र एप्लाई, 60 दिन के लिए बढ़ाई लास्ट डेट

कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में शामिल होने की इच्छा रखने वाले कर्मचारियों के लिए खुशखबर है। EPFO ने एक बड़ा मौका दिया है। अधिकतम पेंशन के लिए एप्लाई करने की लास्ट डेट 60 दिनों के लिए बढ़ाई गई है। अब कर्मचारी EPS में शामिल होने के लिए 3 मई 2023 तक आवेदन कर सकते हैं। अभी तक EPS में आवेदन करने की अंतिम तारीख 3 मार्च 2023 तय की गई थी। 4 नवंबर 2022 को सुप्रीम कोर्ट ने उन कर्मचारियों को एक और बदलाव की अनुमति दी थी जो 1 सितंबर 2024 तक मौजूदा ईपीएस सदस्य रहेंगे। कोर्ट ने EPFO को चार महीने का समय देने को कहा था यानी 3 मार्च 2023 तक। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय पर EPFO ने 20 फरवरी 2023 को एक सर्कुलर जारी कर अधिकतम 15 हजार रुपए की सैलरी के 8.33 फीसदी के डिडक्शन की बजाय कर्मचारियों के बेसिक सैलरी के आधार पर करने का प्रावधान किया।

ये कर्मचारी अधिक पेंशन पाने के लिए कर सकते हैं आवेदन

सुप्रीम कोर्ट के अनुसार कर्मचारियों को 2 श्रेणी में बंटा गया था, जिन्हें ज्यादा पेंशन पाने के लिए योग्य माना गया था। पहली कैटेगरी में उनको लिया गया जो 1 सितम्बर 2014 से पहले EPS के सदस्य थे। जिन्होंने EPS से अधिक पेंशन पाने का विकल्प चुना था। पहले से अधिक पेंशन पाने के लिए अपने बेसिक वेतन से अधिक वेतन कटवा रहे थे। पर EPFO ने उनकी अधिक पेंशन पाने की अनुरोध को मना कर दिया। दूसरी कैटेगरी में उन कर्मचारियों को रखा गया जो 1 सितम्बर 2014 से EPS के सदस्य थे। लेकिन अधिक पेंशन पाने के विकल्प को चुनने से चूक गए।

अब लिमिट को बढ़ाया गया

कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में अभी तक कितनी भी सैलरी हो कॉन्ट्रिब्यूशन 15 हजार रुपए ही तय होता है। जिस वजह से पेंशन काफी कम बन पाती थी। पर अब इसकी लिमिट को बढ़ा दिया गया है। वैसे तो अभी तक कर्मचारी और नियोक्ता दोनों कर्मचारी की बेसिक सैलरी का 12 प्रतिशत कर्मचारी भविष्य निधि या ईपीएफ में योगदान करते हैं। कर्मचारी का पूरा योगदान ईपीएफ में जाता है, जबकि नियोक्ता का 12 प्रतिशत योगदान ईपीएफ में 3.67 प्रतिशत और ईपीएस में 8.33 प्रतिशत के रूप में विभाजित किया जाता है। और भारत सरकार भी कर्मचारी की पेंशन में 1.16 प्रतिशत का योगदान करती है।

सभी आवेदन रजिस्टर होंगे

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने कहा कि, हायर पेंशन ऑप्शन चुनने वाले हर आवेदन को रजिस्टर किया जाएगा। डिजिटली लॉग इन कर आवेदन की प्रक्रिया पूरी होगी और आवेदक को रसीद संख्या दी जाएगी। संबंधित क्षेत्रीय भविष्य निधि कार्यालय के प्रभारी हायर पेंशन वाले कंबाइंड ऑप्शन के लिए आवेदन मामले की जांच करेंगे। और आवेदक को ई-मेल/डाक के माध्यम से और बाद में SMS के जरिए जानकारी मुहैया कराएंगे।

ऑफलाइन आवेदन का प्रॉसेस

EPS सदस्य को अपने नजदीकी EPFO ऑफिस जाना होगा। - एप्लिकेशन फॉर्म के साथ सभी संबंधित दस्तावेजों को जमा करना होगा। जॉइंट ऑप्शन में डिसक्लेमर और डिक्लरेशन का विकल्प चुनना होगा। PF से पेंशन फंड तक में एडजस्टमेंट करने के लिए जॉइंट फॉर्म में कर्मचारी की सहमति की जरूरत होगी। आवेदन जमा होने के बाद जल्द ही यूनिक रिसोर्स लोकेशन बताया जाएगा।

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