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राष्ट्रपति के अभिभाषण को फारूक अब्दुल्ला ने बताया अच्छा संबोधन, थरूर बोले- सरकार ने लिखा भाषण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण को फारूक अब्दुल्ला ने अच्छा संबोधन बताया है। वहीं शशि थरूर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर निशाना साधते हुए कहा कि इस भाषण को सरकार ने लिखा था।  

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Farooq Abdullah called the President's address a good address, Congress said - did not mention unemployment

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मंगलवार को पहली बार संसद के बजट सत्र को संयुक्त रूप से संबोधित किया। जिसमें उन्होंने कहा कि सरकार ने 2014 से 2022 के दौरान 260 से अधिक मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं। देश में मेडिकल छात्रों के लिए स्नातक और स्नातकोत्तर सीटों की संख्या पहले की अवधि की तुलना में अब दोगुनी हो गई है। वहीं 2014 से पहले देश में लगभग 725 विश्वविद्यालय थे, पिछले आठ सालों में 300 से अधिक नए विश्वविद्यालय स्थापित किए गए। है। इस अवधि के दौरान देश में 5000 से अधिक कॉलेज भी खोले गए हैं। इसके साथ ही मुर्मू ने कहा कि "मेरी सरकार की दृढ़ राय है कि भ्रष्टाचार लोकतंत्र और सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा दुश्मन है। इसलिए पिछले कुछ सालों में सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार लड़ाई लड़ी है।"

इसके अलावा दुनिया में भारत की कूटनीतिक की मौजूदा स्थिति की तारीफ करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि "यह भारत के वैश्विक संबंधों का सबसे अच्छा दौर है। हमने दुनिया के विभिन्न देशों के साथ अपने सहयोग और दोस्ती को मजबूत किया है। एक ओर हम इस साल SCO की अध्यक्षता कर रहे हैं, और दूसरी ओर क्वाड के सदस्य होने के नाते हम भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि के लिए काम कर रहे हैं।"

सरकार ने लिखा राष्ट्रपति का भाषण: शशि थरूर
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर निशाना साधते हुए कहा कि "राष्ट्रपति चुनाव नहीं लड़ते लेकिन ऐसा लग रहा था कि भाजपा सरकार अपना अगला चुनाव अभियान उनके माध्यम से चला रही है। पूरा भाषण एक चुनावी भाषण लग रहा था। वे सरकार द्वारा किए गए हर काम की प्रशंसा करने की कोशिश कर रही थी। वे उन चीजों को छोड़ रही थीं जिनमें सरकार का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है। हम इसके लिए राष्ट्रपति को जिम्मेदार नहीं कह सकते क्योंकि भाषण मौजूदा सरकार ने लिखा था।"

AAP और BRS ने राष्ट्रपति के अभिभाषण का किया बहिष्कार
AAP और BRS द्वारा राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के बहिष्कार पर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि "इससे अच्छा गौरव का अवसर नहीं हो सकता जब उस वर्ग की महिला अभिभाषण दे रही हो जिसके लिए आज़ादी का अमृत काल ही तय था। AAP और BRS इस सुंदर अवसर से चूकी है ये उनका दुर्भाग्य था।"

बेरोजगारी के मुद्दे पर कुछ नहीं बोलीं राष्ट्रपति: अधीर रंजन चौधरी
कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "राष्ट्रपति का अभिभाषण दोहराता है कि सरकार क्या चाहती है और क्या करती है। राष्ट्रपति सरकार का बयान प्रस्तुत करते हैं। फिर भी हम राष्ट्रपति के अभिभाषण का सम्मान करते हैं। सदन में जब चर्चा होगी तब हम अपने विचार रखेंगे। सरकार के खिलाफ बहुत से मुद्दे हैं। जब सदन में अभिभाषण पर चर्चा होगी, हम अपना विचार रखेंगे। सरकार के खिलाफ कई मुद्दे हैं। हम इन मुद्दों को एक के बाद एक संसद में उठाएंगे। राष्ट्रपति के अभिभाषण में बेरोजगारी पर कुछ नहीं था। हम और नागरिक केवल सरकार की विफलताओं को देख सकते हैं। वे केवल बोलते हैं लेकिन करते नहीं।"

महंगाई-बेरोजगारी सहित कई मुद्दे उठाएगी कांग्रेस
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि "बजट सत्र में हमें कई मुद्दे उठाने हैं। महंगाई-बेरोजगारी के अलावा देश का जो पैसा कुछ पूंजीपतियों को देकर बर्बाद किया जा रहा है उसका मुद्दा भी हम उठाएंगे। चीन को लेकर विदेश नीति का मुद्दा जो हमने पिछली बार उठाया था उसे हम इस बार भी उठाएंगे। इसके अलावा जो विपक्ष ने सर्वदलीय दल की बैठक में बातें उठाईं हैं उसे लेकर भी सब मिलकर लड़ेंगे।

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