स्विट्जरलैंड की एक अदालत ने काला धन रखने वालों के नाम बताने वाले हर्वे फालसिआनी को पांच साल जेल की सजा सुनाई गई है। स्विस समाचार एजेंसी एटीएस के अनुसार एचएसबीसी के इस पूर्व कर्मचारी को शुक्रवार को सजा सुनाई गई है।
41 वर्षीय फ्रांसीसी नागरिक फालसिआनी इसे ऊपरी अदालत में चुनौती दे सकते हैं। हालांकि उन्हें जेल में वक्त नहीं बिताना होगा, क्योंकि फ्रांस अपने नागरिकों का प्रत्यर्पण नहीं करता है।
गौरतलब है कि जिनेवा में एचएसबीसी बैंक की शाखा में तकनीकी विशेषज्ञ के तौर पर कार्यरत फालसिआनी ने 2008 में 205 अरब डॉलर से ज्यादा कालाधन रखने वाले एक लाख बीस हजार से ज्यादा ग्राहकों की जानकारी सार्वजनिक की थी।

इनमें से कुछ खाते भारतीयों के भी थे। इस मामले में स्विट्जरलैंड की बेल्लिनजोना फेडरल कोर्ट में उनके खिलाफ डाटा चोरी, औद्योगिक जासूसी और बैंक की गोपनीयता बरकरार रखने की शर्त तोडऩे को लेकर सुनवाई चल रही थी।

फालसिआनी का कहना है कि वित्तीय लाभ लेने के लिए उन्होंने जानकारी सार्वजनिक नहीं की थी। इसका मकसद लोगों को यह बताना था कि कर चोरी और काले धन को वैध बनाने का काम बैंक किस तरह से करते हैं।