10 Years Of Digital India: भारत में दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट मिल रहा है। इंटरनेट की लागत भारत में 10 रुपये प्रति जीबी है। यह लागत चीन में 32 रुपये प्रति जीबी, जर्मनी में 183 रुपये प्रति जीबी, कनाडा में 459 रुपये प्रति जीबी और अमेरिका में 513 रुपये प्रति जीबी है।
10 Years Of Digital India: मोदी सरकार की पहल डिजिटल इंडिया को आज 10 साल हो गए हैं। दस साल पहले हमारे देश को डिजिटली सशक्त बनाने और एक टेक्नोलॉजिकली एडवांस सोसाइटी का निर्माण करने के लिए डिजिटल इंडिया पहल शुरू की गई थी। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में डिजिटल इंडिया की जर्नी के बारे में बताया है। उन्होंने MYGovIndia की एक पोस्ट शेयर की है, जिसमें सरकार द्वारा इस पहल के तहत किये गए कार्यों की जानकारी दी गई है। पीएम ने कहा कि एक दशक बाद हम डिजिटल इंडिया की जर्नी के गवाह हैं, जिससे करोड़ों लोगों को फायदा पहुंचा है। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतियों के संकल्प से सशक्त होकर भारत ने डिजिटल पेमेंट्स में काफी प्रगति की है। हेल्थ और एजुकेशन जैसे सेक्टर्स भी इस पहल से लाभान्वित हुए हैं। आइए डिजिटल इंडिया पहल की कुछ उपलब्धियों के बारे में जानते हैं।
भारत का 5जी रोलआउट दुनिया के सबसे तेज 5जी रोलआउट में से एक है। भारत का 5जी रोलआउट 95 फीसदी जनसंख्या को कवर कर रहा है। भारत का 5जी रोलआउट यूरोप, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका जैसे क्षेत्रों से आगे है।
भारत दुनिया का सबसे किफायती इंटरनेट ऑफर कर रहा है। भारत में इंटरनेट की लागत 10 रुपये प्रति जीबी से भी कम है। किफायती डेटा से डिजिटल समावेशन को मजबूती मिल रही है। दूसरे देशों में इंटरनेट की कीमत की बात करें, तो यह चीन में 32 रुपये प्रति जीबी, साउथ अफ्रीका में 151 रुपये प्रति जीबी, मैक्सिको में 154 रुपये प्रति जीबी, जर्मनी में 183 रुपये प्रति जीबी, कनाडा में 459 रुपये प्रति जीबी और अमेरिका में 513 रुपये प्रति जीबी है।
दुनिया के रियल टाइम डिजिटल पेमेंट्स का करीब आधा भारत में हो रहा है। हर महीने अरबों ट्रांजेक्शंस हो रहे हैं। भारत दुनिया के डिजिटल पेमेंट सिस्टम का केंद्र बन गया है।
भारत में जितने आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट्स हैं, उतनी कई बड़े देशों की जनसंख्या भी नहीं है। भारत में 78 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत हेल्थ अकाउंट्स क्रिएट किये गए हैं। भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल हेल्थ इकोसिस्टम में से एक स्थापित कर रहा है।
भारत के ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क की लंबाई पृथ्वी और चंद्रमा की दूरी की 11 गुना है। देशभर में 42 लाख रूट किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर बिछी हुई है। यह डिजिटल इंडिया, भारतनेट, 5जी और ई-गवर्नेंस को मजबूती दे रहा है।
सिर्फ 2 साल में 7 लाख से अधिक सेलर्स ओएनडीसी (ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स) में ऑनबोर्ड हुए हैं। यह कई स्थापित प्लेटफॉर्म्स से अधिक है। यहां लोकल किराना स्टोर्स, शिल्पकार और एमएसएमई पार्टिसिपेट कर रहे हैं।