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अडानी ग्रुप पर फोर्ब्स का बड़ा खुलासा, समूह ने रूसी बैंक से कर्ज लेने के लिए किया था ये काम

Adani Row: अमरीकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद से अडानी ग्रुप की लगातार मुश्किलों में घिरी है। ग्रुप की कंपनियों के शेयर में गिरावट के साथ-साथ चेयरमैन गौतम अडानी के नेटवर्थ में काफी गिरावट आई है। अब फोर्ब्स ने एक और खुलासा कर ग्रुप की मुश्किलें और बढ़ा दी है।

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Gautam Adani Brother Vinod Adani Pledged Adani Group Promoter Stakes for 240 million Loans From Russian Bank

Adani Row: भारतीय उद्योगपति गौतम अडानी की मुश्किलें कम होने के बदले और बढ़ती नजर आई है। अमरीकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयर लगातार गिर रहे है। जिससे कंपनी के चेयरमैन गौतम अडानी का नेटवर्थ में काफी गिरावट आई है। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने से पहले अमीरों की लिस्ट में तीसरे नंबर पर रहे गौतम अडानी टॉप-20 अमीरों की लिस्ट से बाहर हो चुके हैं। अडानी ग्रुप की कंपनियों पर लगे आरोपों पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। इस बीच अब फेमस बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स ने अडानी ग्रुप के बारे में एक बड़ा खुलासा किया है। यह खुलासा गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी के बारे में किया गया है। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ग्रुप ने रूस की एक बैंक से लोन लेने के लिए प्रमोटर की हिस्सेदारी को गिरवी रखा है।


240 मिलियन डॉलर के स्टेक को गिरवी रखकर लिया लोन-

फोर्ब्स की रिपोर्ट के अनुसार गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी द्वारा नियंत्रित एक प्राइवेट कंपनी की सिंगापुर की यूनिट ने रूसी बैंक से कर्ज के लिए अडानी के प्रमोटर के 240 मिलियन डॉलर के स्टेक को गिरवी रखा है। फोर्ब्स की इस रिपोर्ट को हिंडनबर्ग ने भी ट्वीट किया है। इस रिपोर्ट के अनुसार अडानी ग्रुप ने रूसी बैंक के कर्ज लेने के लिए अपनी 240 मिलियन डॉलर की संपत्ति को गिरवी रखा है।

गौतम अडानी के भाई विनोद दुबई में रहकर चलाते हैं कंपनियां-
फोर्ब्स की रिपोर्ट में बताया गया कि गौतम अडानी के भाई विनोद अडानी एक प्रवासी भारतीय हैं, वो लंबे सम से अडानी ग्रुप से जुड़ी ऑफशोर कंपनियों को संभालते हैं। विनोद अडानी दुबई में रहते हैं। जहां से वो सिंगापुर और जकार्ता में चल रहे अडानी ग्रुप की व्यापारिक मसलों का प्रबंधन करते हैं।

हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में भी विनोद अडानी का जिक्र था। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट में कहा गया था कि विनोद अडानी कई फर्जी कंपनियों को चलाते है। उनकी कंपनियों का पता, उसके काम और उसमें काम करने वाले लोगों के बारे में जानकारी अस्पष्ट है।

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रूस के सरकारी बैंक VTB से लिया लोन-

फोर्ब्स रिपोर्ट में दावा किया गया है कि विनोद अडानी द्वारा अप्रत्यक्ष रूप से नियंत्रित सिंगापुर की कंपनी Pinnacle Trade and Investment Pte. Lte. ने साल 2020 में रूस के सरकारी VTB बैंक के साथ एक लोन एग्रीमेंट किया था। अप्रैल 2021 तक Pinnacle ने 263 मिलियन डॉलर उधार लिए और एक अनाम पार्टी को 258 मिलियन डॉलर उधार दिए।


अडानी ग्रुप के दो बड़े शेयरधारकों को बनाया गारंटर-

Pinnacle ने एफ्रो एशिया ट्रेड एंड इंवेस्टमेंट्स और वर्ल्डवाइस इमर्जिंग मार्केट होल्डिंग लिमिटेड को कर्ज के लिए गारंटर के रूप में पेश किया। ये दोनों अडानी ग्रुप के बड़े शेयरधारक हैं। दोनों का अडानी ग्रुप की कंपनियों में 4 बिलियन डॉलर का स्टॉक है। एक्सपर्ट के अनुसार इस रिपोर्ट से अडानी ग्रुप पर गड़बड़ी के आरोप और गंभीर होते हैं। हिंडनबर्ग ने कंपनी पर जो आरोप लगाए हैं, फोर्ब्स की रिपोर्ट उसे सही साबित करती है।

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