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सस्ती हो गई चांदी, 1 दिन में 9,000 रुपये टूटे भाव! फिर भी दिया 120% रिटर्न

ग्लोबल हालात बदल रहे हैं, सोने और चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव निवेशकों के लिए एक मौका हो सकता है.

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भारत

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Businessdesk

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Mohammad Hamid

Dec 14, 2025

रिटर्न के मामले में चांदी ने सोने को पीछे छोड़ दिया है (PC: Canva)

Gold Silver Latest Rate: सोने और चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो आपके पास मौका है, क्योंकि दोनों ही कीमतों धातुओं की कीमतों में तेजी थमने लगी है, खासतौर पर चांदी के भाव काफी तेज से कम हुए हैं. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुक्रवार, 12 दिसंबर को चांदी वायदा भाव में काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला था. धीमा शुरुआत के बाद इंट्राडे में भाव 2 लाख रुपये प्रति किलो के ऊपर निकल गए थे, लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली देखने को मिली और ये इस ऊंचाई पर ज्यादा देर तक टिका नहीं रह सका.

चांदी एक दिन में ही 9,000 रुपये टूटी


शुक्रवार को चांदी के मार्च वायदा ने 2,01,615 रुपये प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया था, लेकिन इंट्राडे में ये 1,90,077 रुपये प्रति किलो तक लुढ़क गया. यानी रिकॉर्ड हाई से 11,538 रुपये की तगड़ी गिरावट आई. हालांकि क्लोजिंग हल्की रिकवरी के साथ 1,92,615 रुपये पर हुई यानी चांदी रिकॉर्ड हाई से पूरे 9,000 रुपये सस्ती होकर बंद हुई. एक ही दिन में चांदी का 4.5% तक टूटना, ऐसा बहुत कम ही देखने को मिलता है. इसके पिछले दिन यानी गुरुवार को चांदी की क्लोजिंग 1,98,942 रुपये पर हुई थी, इससे तुलना करें तो चांदी 6,327 रुपये सस्ती हुई है.

सोना एक दिन में 1,600 रुपये सस्ता हुआ


चांदी की तरह ही, शुक्रवार को MCX पर सोने की कीमतों में भी काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला था. सोने का फरवरी वायदा ने शुक्रवार को 1,35,263 रुपये प्रति 10 ग्राम का लाइफ टाइम हाई बनाया था. चांदी की तरह सोने के भाव भी इंट्राडे में 1,32,275 रुपये तक लुढ़क गए. सोना 2,988 रुपये की रेंज में कारोबार करता नजर आया, अंत में ये रिकॉर्ड हाई से 1,641 रुपये टूटकर 1,33,622 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ.

क्यों आई गिरावट


डॉलर इंडेक्स में मजबूती के संकेतों के चलते सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव दिखा है. जब डॉलर महंगा होता है तो सोना-चांदी खरीदने के लिए किफायती नहीं रह जाता है, इसलिए भाव गिर जाते हैं. बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी भी एक वजह है, जिसकी वजह से निवेशक सोना-चांदी छोड़कर बॉन्ड की तरफ दौड़ते हैं, क्योंकि उनको वहां पर ज्यादा ब्याज मिलता है. इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों को लेकर सख्त रवैये से भी अनिश्चितता बढ़ी है. अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची रहीं, तो सोने-चांदी के लिए ये बात निगेटिव होती है. साथ ही 2 लाख के पार चांदी के भाव निकलने से मुनाफावसूली भी हुई. इन सबने मिलकर चांदी और सोने की कीमतों पर दबाव बनाया

रिटर्न सोने पर भारी चांदी


1 जनवरी को चांदी का क्लोजिंग रेट 87,578 रुपये प्रति किलो था, शुक्रवार को क्लोजिंग से कैलकुलेट करें तो ये इस साल अबतक 120% तक का रिटर्न दे चुकी है, जबकि अभी दिसंबर का महीना खत्म होना बाकी है. जबकि सोने ने इस साल 2025 में चांदी के मुकाबले काफी कम रिटर्न दिया है. 1 जनवरी, 2025 को MCX पर सोने का क्लोजिंग प्राइस 76,893 रुपये प्रति 10 ग्राम था. शुक्रवार के क्लोजिंग भाव से तुलना करें तो ये इसने 74% का रिटर्न दिया है. बीते 10 साल में भी चांदी के मुकाबले सोने ने कम रिटर्न दिया है, जहां चांदी ने 10 साल में 493% का रिटर्न दिया है सोने ने 420% का रिटर्न दिया है.