
चांदी का इंडस्ट्रीयल यूज काफी अधिक है। (PC: AI)
Gold Price: दुनिया में जितनी अनिश्चितता बढ़ रही है, उतनी ही सोने की चमक तेज होती जा रही है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव, डॉलर की कमजोरी और महंगाई की चिंता ने निवेशकों को फिर से गोल्ड की तरफ मोड़ दिया है। यही वजह है कि गुरुवार को घरेलू और वैश्विक बाजार दोनों में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली।
एमसीएक्स पर जून डिलीवरी वाला सोना 1,265 रुपये उछलकर 1,53,397 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया। वहीं, जुलाई वायदा चांदी 6,505 रुपये की बड़ी छलांग के साथ 2,59,770 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड करती दिखी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने का भाव लगातार तीसरे दिन मजबूत रहा। स्पॉट गोल्ड करीब 1 फीसदी बढ़कर 4,738 डॉलर प्रति औंस के ऊपर पहुंच गया, जबकि चांदी भी 79 डॉलर प्रति औंस के करीब कारोबार करती दिखी।
बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। तेल की ऊंची कीमतें और महंगाई की चिंता निवेशकों को परेशान कर रही है। ऐसे माहौल में लोग जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनाकर सोने में पैसा लगा रहे हैं। पुराने निवेशकों की भाषा में कहें तो जब दुनिया डगमगाती है, तब सोना सबसे मजबूत सहारा बन जाता है।
कमोडिटी एक्सपर्ट वंदना भारती का मानना है कि फिलहाल सोना चांदी से ज्यादा मजबूत स्थिति में दिख रहा है। उनके मुताबिक ईरान, अमेरिका और इजराइल से जुड़ा तनाव लगातार बना हुआ है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर भी बाजार में चिंता है। यही वजह है कि गोल्ड की सुरक्षित निवेश वाली छवि और मजबूत हो रही है। उन्होंने बताया कि 2026 की पहली तिमाही में दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने 244 टन सोना खरीदा है। वहीं, बार और सिक्कों के जरिए फिजिकल गोल्ड निवेश में भी 42 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई।
चांदी की बात करें तो वहां तस्वीर थोड़ी अलग है। चांदी को इंडस्ट्रियल डिमांड का भी सहारा मिलता है। इलेक्ट्रिक व्हीकल, सोलर एनर्जी और AI सेक्टर में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। लेकिन अगर वैश्विक अर्थव्यवस्था की रफ्तार धीमी पड़ती है, तो इसका असर चांदी पर ज्यादा दिख सकता है। यही वजह है कि कई एक्सपर्ट्स फिलहाल सोने को ज्यादा सुरक्षित दांव मान रहे हैं।
Choice Broking के कमोडिटी एक्सपर्ट कावेरी मोरे का कहना है कि कमजोर वैश्विक आर्थिक माहौल में गोल्ड की स्थिति ज्यादा मजबूत बनी हुई है। उनके मुताबिक गोल्ड-सिल्वर रेशियो करीब 60:1 पर है, जो बताता है कि जोखिम वाले दौर में निवेशक सोने को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं।
तकनीकी स्तरों की बात करें तो एक्सपर्ट्स के मुताबिक एमसीएक्स गोल्ड के लिए 1,47,500 से 1,48,000 रुपये का स्तर मजबूत सपोर्ट बना हुआ है। अगर सोना 1,56,000 रुपये के ऊपर निकलता है, तो इसमें 1,63,500 रुपये तक की तेजी देखने को मिल सकती है। वहीं, कुछ एक्सपर्ट्स 1,60,300 और 1,66,350 रुपये तक के लक्ष्य भी बता रहे हैं। दूसरी तरफ चांदी के लिए 2,25,000 से 2,32,000 रुपये का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है।
Published on:
07 May 2026 03:57 pm
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