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Good News : इन केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन-भत्ते और प्रमोशन से जुड़ी 30 डिमांड पर मिनिस्ट्री-यूनियन में चर्चा, कई पर तत्काल लिया फैसला

भारतीय रेल के कर्मचारियों के वेतन-प्रमोशन से जुड़ी 13 साल पुरानी मांगों पर रेल मंत्रालय बातचीत करने को राजी है।

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भारत

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Ashish Deep

Jun 16, 2025

Indian Railways के कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। रेल मंत्रालय ने उनकी कई बड़ी डिमांड पर सहमति जता दी है। मीटिंग में रेलवे के बड़े अफसरों और कर्मचारी यूनियन की तरफ से 4 पदाधिकारियों ने 30 से ज्यादा पुरानी डिमांड पर चर्चा की। ये डिमांड Indian Railways Employees के वेतन-भत्ते और प्रमोशन से जुड़ी थीं।

रेलवे और कर्मचारियों के बीच 30 से ज्यादा डिमांड पर चर्चा हुई

रेल मंत्रालय और ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन (AIRF) के बीच बीते दिनों हुई बैठक में वेतन आयोग निदेशालय (Pay Commission Directorate) से जुड़े पुराने मुद्दों पर अहम चर्चा हुई। इसके बाद रेलवे बोर्ड ने 10 जून 2025 को आदेश जारी कर दिया है। इसके अनुसार, कर्मचारी यूनियन के साथ 30 से अधिक मुद्दों पर चर्चा की गई, जिनमें से कई मामलों का हल कर लिया गया है। कुछ मुद्दों को आगे विचार के लिए रखा गया है। मुख्य विषयों में मैकेनिकल सुपरवाइजरों को ब्रेकडाउन ओवरटाइम भत्ता, ट्रैफिक गेटमेन को विशेष भत्ता, मेडिकल स्टाफ की पदोन्नति और प्रमोशन से जुड़े प्रावधान शामिल हैं।

दो बड़ी डिमांड पर सहमति

AIRF के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा के मुताबिक हमारी दो बड़ी डिमांड ट्रैफिक गेटमेन को विशेष गेट भत्ता (Special Allowance to Traffic Gatemen) और दूसरी एनुअल इंक्रीमेंट से जुड़ी थी। इंक्रीमेंट साल में 1 जनवरी या 1 जुलाई से दिया जाना तय हुआ है। साथ ही ट्रैफिक गेटमैन के इश्यू पर संयुक्त बैठक होने का आश्वासन मिला है।

कर्मचारी और मंत्रालय के बीच इन मुद्दों पर सहमति बनी

1- मैकेनिकल सुपरवाइजर (C&W) को ब्रेकडाउन ओवरटाइम भत्ते पर सहमति बनी।

2- ट्रैफिक गेटमेन को विशेष गेट भत्ता देने की मांग पर संयुक्त बैठक होगी।

3- प्रमोशन (MACP) और वेतन निर्धारण से जुड़े कई मुद्दे सुलझे, कुछ पर विचार जारी।

4- नर्सिंग स्टाफ, मेडिकल लैब स्टाफ, ECG टेक्नीशियन की वेतन विसंगतियों पर विचार।

5- COVID-19 में किलोमीटर भत्ते की अदायगी की मांग पर मंत्रालय विचार कर रहा है।

15 से ज्यादा डिमांड हुईं पूरी

बैठक में 15 से अधिक मुद्दों पर चर्चा पूरी कर समाधान कर लिया गया है। इनमें ये मुद्दे अहम हैं:

1- RBE No.95/2013 के तहत पदोन्नति पर विकल्प चुनने का अधिकार।

2- MACPS (Modified Assured Career Progression Scheme) के बाद उच्च पद पर पदोन्नति पाने वाले कर्मचारियों का वेतन निर्धारण।

3- Optometrist, Chief Loco Inspectors और Nursing स्टाफ की वेतन विसंगति।

4- COVID-19 काल में काम करने वाले लोको पायलट और गार्ड्स को किलोमीटर भत्ते की भरपाई।

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रेल मंत्रालय करेगा विचार

कुछ मामलों को संबंधित निदेशालयों के साथ आगे की समीक्षा के लिए भेजा गया है, जैसे:

1- ट्रैफिक गेटमेन को विशेष भत्ता, जिसे ऑडिट आपत्ति के कारण रोका गया था।

2- मेडिकल लैब स्टाफ की पदोन्नति, ECG तकनीशियन की वेतन समानता।

3- नर्सिंग स्टाफ के गलत वेतन निर्धारण और Ad-hoc सेवा को MACP (Modified Assured Career Progression Scheme) के लिए गिनने का मामला।

4- COVID अवधि में ड्यूटी पर रहे रनिंग स्टाफ को SDA और किलोमीटर एलाउंस का भुगतान।

रेलवे कर्मचारी फेडरेशन की विशेष मांगें

1- ट्रैफिक गेटमेन को जोखिम और कठिन ड्यूटी भत्ते के साथ-साथ विशेष भत्ता मिलना चाहिए।

2- पदोन्नति के समय कर्मचारियों को विकल्प चुनने की प्रक्रिया स्वतः लागू हो।

3- सिविल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट को MACP का लाभ जल्द दिया जाए।

4- स्कूल शिक्षकों और मेडिकल स्टाफ को चयन ग्रेड के बाद उचित वेतन मिलना चाहिए।

मीटिंग में रेल कर्मचारियों के कई मुद्दे हल हुए

AIRF के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा के मुताबिक रेल मंत्रालय ने फेडरेशन की अधिकांश मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है और कुछ मामलों को हल कर दिया गया है। कई मुद्दों पर DG/HR, रेलवे व वित्त मंत्रालय से आगे चर्चा की जाएगी। यह बैठक रेल कर्मचारियों के लिए न केवल वेतन और भत्तों में सुधार का संकेत है, बल्कि कर्मचारी संगठनों और मंत्रालय के बीच संवाद की गंभीरता को भी दर्शाती है।