
MP government aims to increase per capita income to Rs 22.50 lakh (फोटो : फ्री पिक)
केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन के प्रावधान को लेकर बड़ा बदलाव हुआ है। केंद्र सरकार ने आधिकारिक गजट में 'सेंट्रल सिविल सर्विसेज (यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत एनपीएस का क्रियान्वयन) नियम, 2025' नोटिफाई किए हैं। ये नियम केंद्रीय कर्मचारियों को यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत राष्ट्रीय पेंशन सिस्टम (NPS) का विकल्प चुनने की सुविधा प्रदान करते हैं।
नए नियमों के अनुसार UPS के सदस्य अब 20 साल की सेवा पूरी करने के बाद वॉलेंटरी रिटायरमेंट स्कीम (VRS) लेने का विकल्प पा सकते हैं। हालांकि, ध्यान देने वाली बात यह है कि एश्योर्ड पेंशन केवल 25 साल की योग्य सेवा पूरी होने पर ही उपलब्ध होगी।
अगर कोई कर्मचारी 20 या उससे ज्यादा समय की सेवा पूरी करने के बाद VRS का विकल्प चुनता है, तो उसे प्रो रेटा आधार पर एश्योर्ड पेंशन दी जाएगी। इसके मायने हैं कि उसके पेंशन की रकम एक फॉर्मूले पर आधारित होगी। फॉर्मूला है पेंशन = (पेंशन का पूर्ण लाभ × योग्य सेवा के वर्ष / 25) होगी। यह पेंशन रिटायरमेंट की तारीख से मिलेगी।
1- 60% व्यक्तिगत कॉरपस की फाइनल निकासी
2- सरकारी सेवा की हर छमाही के लिए बेसिक पे और महंगाई भत्ता का 1/10वां लम्पसम
3- रिटायरमेंट ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट
4- CGEGIS के तहत लाभ
अगर किसी सदस्य का VRS लेने के बाद पेंशन शुरू होने से पहले निधन हो जाता है, तो कानूनी विवाहिता पत्नी या पति को फैमिली पेंशन उसी दिन से मिलेगी जब सदस्य का निधन हुआ। इस बदलाव से UPS के तहत NPS का विकल्प चुनने वाले कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी। 20 साल की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारी अब VRS लेकर आगे की योजना बना सकते हैं और इसके साथ ही अपने परिवार के लिए भी एश्योर्ड पेंशन और अन्य बेनिफिट पा सकते हैं।
Published on:
21 Sept 2025 05:21 am
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