23 फ़रवरी 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अजब-गजब! कंपनी को लाखों का चूना लगा 1 हफ्ते में ही छोड़ दी नौकरी, 100% डिस्काउंट कोड जनरेट कर ऐसे किया घपला

Gully Labs Employee Fraud: स्नीकर्स ब्रांड के को-फाउंडर ने लिखा कि कर्मचारी ने कंपनी के सिस्टम का दुरुपयोग कर कई सारे 100 फीसदी डिस्काउंट कोड जनरेट कर दिए।

2 min read
Google source verification

भारत

image

Pawan Jayaswal

Feb 23, 2026

Gully Labs employee fraud

एक कर्मचारी ने Gully Labs को कथित तौर पर चूना लगा दिया। (PC: AI)

जिस थाली में खाया उसी में छेद किया! दिल्ली बेस्ड स्नीकर्स स्टार्ट-अप Gully Labs के एक कर्मचारी के लिए यह कहावत सटीक साबित हो रही है। इस कर्मचारी ने नौकरी के पहले ही सप्ताह में 100% डिस्काउंट वाले कई कूपन जनरेट कर दिए और उन कूपन्स का इस्तेमाल दोस्तों और परिवार वालों के लिए स्नीकर्स ऑर्डर करने में किया। इस तरह कर्मचारी ने एक ही हफ्ते में कंपनी को कथित तौर पर 2 लाख रुपये का चूना लगा दिया।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में स्नीकर्स ब्रांड के को-फाउंडर अर्जुन सिंह ने दावा किया कि हाल ही में नियुक्त एक कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट ने कंपनी के सिस्टम का दुरुपयोग कर अपने निजी उपयोग के लिए 100 प्रतिशत डिस्काउंट कोड जनरेट किए।

एक हफ्ते में छोड़ दी नौकरी

सिंह ने लिखा, “हमने कुछ महीने पहले एक कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट को नौकरी पर रखा था। जॉइन करने के पहले ही हफ्ते में उसने 2 लाख रुपये के 100% डिस्काउंट ऑर्डर कर दिए और उन्हें अपने दोस्तों के पास भेज दिया, फिर एक हफ्ते में नौकरी छोड़ दी।" उन्होंने आगे कहा, “जब उसे पकड़ा गया, तो शुरुआत में उसने सहयोग करने का फैसला किया और आधे जूते वापस कर दिए, लेकिन बाकी आधे इस्तेमाल हो चुके थे।”

कंपनी को ही भेज दिया कानूनी नोटिस

स्थिति तब और बिगड़ गई जब पूर्व कर्मचारी ने कंपनी को कानूनी नोटिस भेज दिया और उस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया, क्योंकि कंपनी ने उससे बाकी प्रोडक्ट लौटाने या नुकसान की भरपाई करने को कहा था। इस घटना के बाद, सिंह ने बताया कि कंपनी ने भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त इंटरनल कंट्रोल लागू कर दिए हैं।

अक्षय जैन की पोस्ट का जवाब देते हुए सिंह ने कहा कि जैसे-जैसे कंपनियां बढ़ती हैं, उन्हें नई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। जैन ने संगठनों के भीतर संवेदनशील ग्राहक और ऑर्डर डेटा को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर जोर दिया था।

वायरल हो गई पोस्ट

सिंह ने X पर लिखा, “जैसे-जैसे ब्रांड बढ़ते हैं, नई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं। कभी नहीं सोचा था कि मुझे सुरक्षा कारणों से अपनी ही कंपनी के लोगों से ग्राहक डेटा और ऑर्डर एक्सपोर्ट को सुरक्षित रखना पड़ेगा। इससे जटिलता बढ़ती है, लेकिन कोई विकल्प नहीं है।” यह पोस्ट वायरल हो गई और इस तरह की धोखाधड़ी पर व्यापक चर्चा शुरू हो गई।

क्या कह रहे यूजर्स?

एक यूजर ने टिप्पणी की, “आप यकीन नहीं करेंगे, लेकिन इसी तरह Jabong बंद हो गया था। उनके पास कर्मचारियों के लिए 30% अनलिमिटेड डिस्काउंट कोड था और कर्मचारी उन कोड्स को अपने दोस्तों, परिवार और अन्य लोगों को बेच देते थे, जिससे कंपनी को भारी नुकसान हुआ।”

दूसरे यूजर ने कहा, “यह घटना मजबूत आंतरिक वित्तीय नियंत्रण और सिस्टम-आधारित अप्रूवल की आवश्यकता को स्पष्ट रूप से दिखाती है। रोल-बेस्ड एक्सेस, डिस्काउंट लिमिट, मेकर-चेकर सिस्टम और रियल-टाइम ऑडिट ट्रेल लागू करने से ऐसे जोखिम काफी कम हो सकते हैं।”

एक तीसरे यूजर ने प्रतिक्रिया दी, “यह कहना अच्छा नहीं लगता, लेकिन यही मानसिकता लोगों को लालची बना देती है और वे किसी सिस्टम का दुरुपयोग तब तक करते हैं, जब तक वह पूरी तरह खराब न हो जाए।”