24 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

IDFC First Bank में सामने आया 590 करोड़ रुपये का बड़ा घोटाला, 20% लुढ़का शेयर, क्या आपका भी है खाता?

IDFC First Bank की चंडीगढ़ ब्रांच में 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड सामने आया है। मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद करने और धनराशि दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भारत

•

image

Pawan Jayaswal

•

Updated: 23 Feb 2026, 11:43 AM IST

IDFC First Bank fraud

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में बड़ा फ्रॉड सामने आया है। (PC:AI)

IDFC First Bank Share Price: सोमवार को बाजार खुलते ही आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के निवेशकों को जबरदस्त झटका लगा। इस शेयर में जबरदस्त बिकवाली दिखी और 20% का लोअर सर्किट लग गया। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज को जानकारी दी है कि चंडीगढ़ की एक शाखा में लगभग 590 करोड़ रुपये की संदिग्ध धोखाधड़ी वाले लेन-देन का पता चला है, जिसमें कुछ कर्मचारियों की कथित संलिप्तता सामने आई है। यह खबर बाहर आने के बाद बैंक का शेयर गिरकर 66.85 रुपये पर आ गया, जो 8 महीने का न्यूनतम स्तर है।

बैंक द्वारा संदिग्ध धोखाधड़ी के खुलासे के बाद निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, जिससे शेयर में गिरावट आई। इस धोखाधड़ी से बैंक की आंतरिक नियंत्रण प्रणाली और संभावित वित्तीय प्रभाव को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

इस तरह हुआ फ्रॉड का खुलासा

बैंक के अनुसार, यह मामला तब सामने आया जब हरियाणा सरकार के एक विभाग ने अपना खाता बंद करने और धनराशि दूसरे बैंक में ट्रांसफर करने का अनुरोध किया। इस प्रक्रिया के दौरान खाते की राशि और अनुरोध में बताई गई राशि में अंतर पाया गया, जिसके बाद विस्तृत जांच शुरू की गई।

बैंक ने अपनी नियामकीय फाइलिंग में कहा, 'पहचान किए गए खातों में मिलान के तहत कुल राशि लगभग 590 करोड़ है। इसका वास्तविक प्रभाव आगे की जांच, दावों की पुष्टि, संभावित रिकवरी और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

हरियाणा सरकार ने IDFC First Bank को पैनल से हटाया

इस खुलासे के बाद हरियाणा सरकार ने IDFC First Bank और AU Small Finance Bank को सरकारी कामकाज से तुरंत प्रभाव से हटा दिया है। वित्त विभाग के आदेश के अनुसार, अब इन बैंकों में कोई सरकारी फंड जमा, निवेश या ट्रांजैक्ट नहीं किया जाएगा। सभी सरकारी विभागों, बोर्ड, निगम और सार्वजनिक उपक्रमों को अपने खाते बंद करने और राशि अन्य बैंकों में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए हैं।' विभाग ने यह भी पाया कि कुछ फिक्स्ड डिपॉजिट निर्देशों का पालन नहीं किया गया और फंड को सेविंग अकाउंट में रखा गया, जिससे कम रिटर्न मिला और वित्तीय नुकसान हुआ।

बैंक ने क्या कहा?

IDFC First Bank के अनुसार चंडीगढ़ शाखा में हरियाणा सरकार के कुछ खातों में अनधिकृत और धोखाधड़ी वाले लेन-देन हुए। इसमें बैंक के कुछ कर्मचारियों और अन्य बाहरी व्यक्तियों की संलिप्तता हो सकती है। यह मामला फिलहाल कुछ विशेष सरकारी खातों तक सीमित प्रतीत होता है। अन्य ग्राहकों के खातों पर कोई प्रभाव नहीं है।

अधिकारियों को किया सस्पेंड

बैंक ने एक्शन लेते हुए अब तक 4 बैंक अधिकारियों को निलंबित किया है। फॉरेंसिक ऑडिट के लिए एजेंसी नियुक्त की जा रही है। पुलिस में शिकायत दर्ज की गई है। इसके अलावा, संदिग्ध खातों में रकम रोकने के लिए अन्य बैंकों से संपर्क किया गया है। बैंक ने कहा है कि दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी और आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।