
पत्नी को गिफ्ट दे रहे हैं, तो टैक्स के रूल्स भी जान लें। (PC: ChatGPT)
Income Tax Rules: मैंने अपनी पत्नी को 10 लाख रुपये का गिफ्ट दिया या पत्नी के नाम पर फ्लैट खरीदा। क्या मैं इसे अपनी आईटीआर में दिखाऊ या पत्नी को इनकम टैक्स भरना होगा। एक कपल के सामने कई बार ऐसे सवाल आ खड़े होते हैं। आइए जानते हैं कि इस मामले में आयकर कानून क्या कहता है। आयकर अधिनियम की धारा 56(2)(vii) के तहत पत्नी को दिया गया गिफ्ट उनकी आयकर रिटर्न (ITR) में कर-मुक्त (Exempt) होता है। लेकिन अगर पत्नी गिफ्ट में मिले पैसे की एफडी करा लेती है, तो एफडी पर मिलने वाला ब्याज धारा 64(1)(iv) के अनुसार पति की आय में जोड़ा जाएगा और पति को ITR में दिखाना होगा।
चूंकि बैंक ब्याज को पत्नी के PAN के तहत रिपोर्ट करता है, इसलिए यह उसकी AIS और प्री-फिल्ड ITR में दिखाई देगा। ऐसे में पत्नी को अपनी ITR में उस ब्याज को शामिल नहीं करना चाहिए। वह “Remarks” या किसी विवरण में यह उल्लेख कर सकती है कि यह ब्याज पति की आय में क्लब किया गया है और AIS में फीडबैक देते समय पति के PAN का उल्लेख कर सकती है, ताकि कोई मिसमैच न हो। पति को यह ब्याज अपनी ITR में “Income from Other Sources" के अंतर्गत दिखाना होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि एक ही आय पर दो बार टैक्स न लगे।
साथ ही, गिफ्ट से जुड़े प्रमाण (जैसे गिफ्ट डीड या बैंक ट्रांसफर का विवरण) सुरक्षित रखने चाहिए, ताकि कर विभाग द्वारा पूछताछ होने पर क्लबिंग को साबित किया जा सके। इस तरह आय पर केवल एक बार टैक्स लगेगा और बैंक रिकॉर्ड के अनुसार सही रिपोर्टिंग भी हो जाएगी।
एक दूसरी परिस्थिति में पति ने अपनी पत्नी के नाम पर फ्लैट खरीदा। पति ही पूरा पेमेंट चुका रहा है। जब बिल्डर पैसा मागंता है, तो पति अपनी पत्नी के अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर देता है। ऐसे में क्या यह फ्लैट पति द्वारा पत्नी को दिया गया गिफ्ट माना जाएगा और इसे किसकी आईटीआर में दिखाना होगा?
आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 64(1) के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई संपत्ति ट्रांसफर करता है, तो उस संपत्ति से होने वाली आय (जैसे किराया या कैपिटल गेन) पति की आय में जोड़ा जाता है। ऐसे में भले ही फ्लैट पत्नी के नाम पर है, लेकिन चूंकि उसका पूरा भुगतान पति कर रहा है, इसलिए उससे होने वाली कोई भी आय, चाहे किराया हो या कैपिटल गेन, पति की आय में क्लब होगी और पति को अपनी ITR में इसे दिखाना होगा। यदि राशि काफी बड़ी है, तो फंड के स्रोत और लेन-देन की वास्तविकता साबित करने के लिए बैंक स्टेटमेंट, आय का प्रमाण और पुरानी ITR जैसे दस्तावेज सुरक्षित रखने चाहिए।
Published on:
24 Dec 2025 11:13 am
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