
भारत ने यूरोपीय संघ के साथ ट्रेड डील को साइन कर दिया है। (PC: X/@vonderleyen)
India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाई देने वाला एक बड़ा कदम सामने आया है। वैश्विक व्यापार और निवेश के बदलते दौर में यह समझौता दोनों पक्षों के लिए अहम माना जा रहा है। आज 27 जनवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-यूरोपीय संघ के बीच हुए बड़े समझौते को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह डील भारत और यूरोप के लोगों के लिए बड़े अवसर लेकर आएगी। उन्होंने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताते हुए कहा कि यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझेदारी का बेहतरीन उदाहरण है और वैश्विक जीडीपी के करीब 25 प्रतिशत तथा वैश्विक व्यापार के एक तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) दोनों पक्षों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है। इस डील पर बातचीत की शुरुआत वर्ष 2007 में हुई थी, जो लंबे समय तक रुकी रहने के बाद अब पूरी हुई है। इस समझौते के तहत भारत और यूरोपीय संघ के बीच ज्यादातर उपभोक्ता और औद्योगिक उत्पादों पर टैरिफ यानी आयात शुल्क कम किया जाएगा, जिससे दोतरफा व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। इस समझौते से भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को मजबूती मिलने, सर्विस सेक्टर को सपोर्ट मिलने और निवेश व रोजगार के नए अवसर बनने की उम्मीद है, हालांकि कुछ संवेदनशील कृषि उत्पादों को इससे बाहर रखा जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक के दौरान कहा कि एनर्जी सेक्टर भारत की विकास रणनीति का केंद्र है और यह देश की आर्थिक प्रगति में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था है, जिससे ऊर्जा उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है और यही वजह है कि भारत वैश्विक ऊर्जा निवेश के लिए एक स्वाभाविक गंतव्य बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत आने वाले वर्षों में दुनिया का सबसे बड़ा ऑयल रिफाइनिंग हब बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जहां रिफाइनिंग क्षमता को 260 मिलियन टन से बढ़ाकर 300 मिलियन टन किया जाएगा। मोदी ने भरोसा जताया कि भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने, सर्विस सेक्टर को मजबूत करने और एनर्जी इकोसिस्टम में टेक्नोलॉजी व पूंजी आकर्षित करने में अहम भूमिका निभाएगा।
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर यह जानकारी भी सामने आई है कि यह डील अगले साल लागू हो सकती है। इससे पहले समझौते के कानूनी मसौदे की जांच के साथ औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। इस समिट में यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी शामिल होंगे। समझौते के तहत यूरोपीय संघ को भारत में कार और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात के लिए बेहतर पहुंच मिलेगी, हालांकि इस पर एक तय सीमा लागू रहेगी।
Updated on:
27 Jan 2026 01:00 pm
Published on:
27 Jan 2026 11:34 am
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