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EU ने इन भारतीय उत्पादों पर दी टैरिफ में बड़ी राहत, जानिए कितना घटा टैक्स

भारत-ईयू व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय संघ 90 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ खत्म करेगा, जो सात साल में 93 प्रतिशत तक पहुंचेगा। इससे भारतीय निर्यातकों को बड़ा लाभ मिलेगा।

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भारत

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Thalaz Sharma

Jan 27, 2026

indian products tariff india eu trade deal

प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: AI)

भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद आखिरकार फ्री ट्रेड डील पर सहमति बन गई है। यह समझौता ऐसे समय पर हुआ है जब वैश्विक व्यापार में अनिश्चितता बढ़ रही है और नए साझेदारों की तलाश तेज है। इस डील का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यूरोपीय संघ भारतीय उत्पादों पर लगने वाले टैरिफ में बड़े स्तर पर कटौती करने जा रहा है, जिससे भारतीय निर्यात को सीधा लाभ मिलेगा।

कितनी होगी टैरिफ कटौती?

रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत-ईयू व्यापार समझौते के लागू होते ही यूरोपीय संघ लगभग 90 प्रतिशत भारतीय वस्तुओं पर सभी टैरिफ पूरी तरह खत्म कर देगा। इसके बाद सात वर्षों की अवधि में यह दायरा बढ़कर करीब 93 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। वर्तमान में ईयू का औसत टैरिफ करीब 3.8 प्रतिशत है, जो इस समझौते के बाद घटकर लगभग 0.1 प्रतिशत रह जाएगा। बहुत ही कम ऐसे सामान होंगे जिन पर पहले जैसा भारी टैरिफ लगेगा। ज्यादातर भारतीय और यूरोपीय उत्पाद अब एक-दूसरे के बाजार में सस्ते दाम पर और आसानी से बिक सकेंगे।

किन भारतीय उत्पादों को मिलेगा सीधा फायदा?

इस समझौते के तहत कई प्रमुख भारतीय उत्पादों के निर्यात पर टैरिफ शून्य कर दिया जाएगा। इसमें समुद्री उत्पाद शामिल हैं जिन पर अभी 26 प्रतिशत तक शुल्क लगता है। केमिकल जिन पर लगभग 12.8 प्रतिशत टैरिफ है, प्लास्टिक और रबर उत्पाद जिन पर 6.5 प्रतिशत शुल्क लगता है, चमड़ा और फुटवियर जिन पर करीब 17 प्रतिशत टैरिफ है, टेक्सटाइल जिन पर 12 प्रतिशत, अपैरल यानी परिधान जिन पर 4 प्रतिशत, बेस मेटल जिन पर 10 प्रतिशत और रत्न व आभूषण जिन पर लगभग 4 प्रतिशत टैरिफ लगता है। ये सभी उत्पाद चरणबद्ध तरीके से शून्य टैरिफ के दायरे में आ जाएंगे।

भारतीय उत्पाद / सेक्टरईयू में वर्तमान टैरिफभारत-ईयू व्यापार समझौते के बाद
समुद्री उत्पाद26 प्रतिशत तकशून्य टैरिफ
रसायन (केमिकल्स)लगभग 12.8 प्रतिशतशून्य टैरिफ
प्लास्टिक और रबर उत्पाद6.5 प्रतिशतशून्य टैरिफ
चमड़ा और फुटवियर17 प्रतिशतशून्य टैरिफ
टेक्सटाइल उत्पाद12 प्रतिशतशून्य टैरिफ
परिधान (अपैरल)4 प्रतिशतशून्य टैरिफ
बेस मेटल10 प्रतिशतशून्य टैरिफ
रत्न और आभूषण4 प्रतिशतशून्य टैरिफ

भारतीय निर्यातकों और उद्योग पर असर

टैरिफ में कटौती से भारतीय निर्यातकों की लागत घटेगी और मुनाफा बढ़ेगा। खास तौर पर टेक्सटाइल, गारमेंट, फुटवियर, केमिकल और मरीन प्रोडक्ट सेक्टर को इसका बड़ा लाभ मिलेगा। छोटे और मझोले निर्यातकों के लिए ईयू बाजार में प्रवेश आसान होगा। इससे भारत में उत्पादन बढ़ेगा, नई नौकरियां बनेंगी और मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी। साथ ही भारत को वैश्विक सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद भागीदार के रूप में पहचान मिलेगी।

क्या होगी आगे की प्रक्रिया?

अब इस समझौते के मसौदे को कानूनी समीक्षा और मंजूरी की प्रक्रिया से गुजरना होगा, जिसके बाद इसे यूरोपीय संसद और भारत से स्वीकृति मिलेगी। उम्मीद है कि एक साल के भीतर यह समझौता लागू हो जाएगा। रणनीतिक रूप से यह डील भारत को यूरोप के विशाल बाजार से जोड़ती है। लंबी अवधि में निर्यात, निवेश और तकनीकी सहयोग को नई दिशा देगी।