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चेतावनी के बाद भी भारतीय कर रहे हैं क्रिप्टोकरेंसी में भारी निवेश

भारतीय युवाओं में गोल्ड नहीं क्रिप्टोकरेंसी में बढ़ रही है रुचि
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Sunil Sharma

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Jun 29, 2021

नई दिल्ली। भारत में क्रिप्टोकरेंसी के प्रति दीवानगी दिखाई दे रही है। वही बिटकॉइन समेत अन्य क्रिप्टोकरेंसी को डिजिटल गोल्ड के रूप में देखा जाने लगा है। यही वजह है कि भारत में क्रिप्टोकरेंसी में जमकर निवेश किया जा रहा है।

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भारत के क्रिप्टोकरेंसी में एक साल में निवेश 200 मिलियन डॉलर से बढ़कर 40 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है। 32 साल की रिची सूद ने कहा कि उन्होंने गोल्ड से पैसा निकालकर क्रिप्टोकरेंसी में दस लाख रुपए से ज्यादा जमा किया है। जब बिटकॉइन 50 हजार डॉलर पर था, तब मैंने कुछ प्रोफिट बुकिंग की, गिरावट में निवेश किया।

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1.5 करोड़ ट्रेडर्स
भारत में क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग करने वालों की संख्या 1.5 करोड़ के लगभग है। अमरीका में 23 मिलियन और यूके में महज 2.3 मिलियन है। ज्यादातर निवेश करने वाले 18 से 35 वर्ष की उम्र के युवा है। भारत में 34 वर्ष से कम उम्र के निवेशकों में गोल्ड से ज्यादा दीवानगी क्रिप्टो में निवेश को लेकर देखी जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आई तेजी
एक्सपर्ट्स का कहना है कि क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करना काफी आसान है। पिछले एक वर्ष में क्रिप्टो निवेश में तेजी का सबसे बड़ा कारण है सुप्रीम कोर्ट का वह फैसला, जिसमें उसने रिजर्व बैंक के फैसले को पलट दिया और क्रिप्टो ट्रेडिंग पर बैन को हटा दिया। हालांकि रिजर्व बैंक ने इस करेंसी को अभी तक कानूनी मान्यता नहीं दी है।

बिनांसे प्रतिबंधित
क्रिप्टोकरेंसी कारोबार के लिए दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंज प्लेटफॉर्म बिनांसे को प्रतिबंधित करते हुए ब्रिटेन की नियामक संस्था एफसीए ने कहा है कि बिनांसे ब्रिटेन में कोई भी गतिविधि संचालित नहीं करेगा। एफसीए ने ब्रिटेन के लोगों को आगाह किया है कि वह इस तरह के निवेश से हर हाल में बचें।