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ENTREPRENEUR : किसानों का दर्द देख छोड़ी नौकरी, बागबानी से कमा रहे लाखों

गांव में पले-बढ़े। मेरठ से एमबीए की डिग्री लेकर एक फर्नीचर कंपनी ज्वाइन की। 13 साल यूपी, बिहार, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान में जॉब किया। मैनेजर पद पर थे, 11 लाख का पैकेज छोड़ बागबानी करने गांव आ गए। यह कहानी है उत्तर प्रदेश के रायबरेली निवासी आनंद मिश्रा की जो 'लेमन मैन रायबरेली' के नाम से प्रसिद्ध हैं।  

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बागबानी में बहुत उज्जवल भविष्य है। बस ध्यान रखने की जरूरत है उस उत्पाद की मांग व मुनाफा अच्छा होना चाहिए।

सवाल : नौकरी छोड़कर बागवानी करने का विचार कैसे आया?
मैं जब छुट्टी लेकर घर आता था तो पिता जी के साथ बैंक जाता था। वहां देखता था क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़वाने के लिए किसान लंबी लाइनों में खड़े हैं। बैंक अधिकारियों से मिन्नतें करते थे लेकिन क्रडिट लिमिट नहीं बढ़ती थी। किसानों को सम्मान दिलाने के लिए मन में विचार आया कि मैं भी बागबानी करूंगा। मैं तैयारियों में जुट गया। मैंने बागवानी के लिए जानकारी जुटाई और नींबू की खेती करना तय किया।
सवाल : बागबानी की शुरुआत कैसे की, कितनी लागत आई?
बागबानी की शुरुआत से अमरूद, आम, मैंथा आदि के बारे में जाकर जानकारी जुटाई। बागबानी विशेषज्ञों से लेकर गूगल तक सर्च किया। तय किया कि नींबू की बागबानी करेंगे। इसके लिए हमने इजरायल की हाई डेंसिटी तकनीक पर करीब दो एकड़ में नींबू के 1000 पौधे रोपे। दो लाख रुपए का खर्च आया। लगातार देखभाल करते रहे। दूसरे साल 80 हजार रुपए और तीसरे साल सवाल : 8-9 लाख और इस बार करीब 12 लाख की फसल आई है।
सवाल : युवा जो बागबानी में भविष्य देख रहे हैं उन्हें क्या ध्यान रखने की जरूरत होगी?
चूंकि बागबानी में बहुत उज्ज्वल भविष्य है। इसके लिए आपके पास खेत है तो सबसे अच्छी बात है। बागबानी के लिए इस समय कई संस्थान कोर्स भी कराते हैं। हर जिले में बागबानी केंद्र के विशेषज्ञों की मदद ले सकते हैं। पौधे व बीज की गुणवत्ता व उसकी देखभाल करनी होती है। जैविक खेती की बहुत मांग है। आपका सलाहकार उस फील्ड का मास्टर होना चाहिए।
सवाल : आगे की क्या प्लानिंग है?
जल्द ही फूड प्रोसेसिंग में उतर रहे हैं। इसके तहत नींबू का मुरब्बा, ज्यूस, अचार और पाउडर बनाएंगे। इम्युनिटी बूस्ट करने के लिए इसकी बहुत डिमांड है। बड़ी कंपनियां इस क्षेत्र में काम कर रही हैं लेकिन वह पूरी तरह से नेचुरल नहीं है। नींबू और उससे जुड़े उत्पाद की मांग मलेशिया, फिलीपींस व खाड़ी देशों में बहुत ज्यादा है। एक्सपोर्ट की तैयारी कर रहे हैं। कुछ जरूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम शुरू कर देंगे।