
कोरोना : जहां से चली अर्थव्यवस्था, फिर वहीं पहुंची
नई दिल्ली। कोविड की दूसरी लहर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी कहर बनकर टूट रही है। लोगों की बाजार, कार्यस्थल, बस या रेलवे स्टेशन पर गतिशीलता महामारी के पूर्व से आधी हो गई है। मोबिलिटी ट्रेंड भी जून, 2020 के बराबर हो गया है। गूगल की भारतीय मोबिलिटी रिपोर्ट के मुताबिक, लोगों ने रेस्टोरेंट, मॉल और थिएटर जैसी जगहों पर जाना जनवरी-फरवरी, 2020 की तुलना में आधा कर दिया है।
305 तरह के व्यापार को नुकसान: केयर रेटिंग्स के मुताबिक, भारत में 305 तरह का व्यापार प्रभावित हुआ है। 80त्न ग्राहक व विनिवेश मांग प्रभावित हुई है। लघु, कुटीर एवं मध्यम उपक्रम को श्रमिकों की कमी और तीव्र व्यापार अनियमितता झेलनी पड़ी है। कोरोना के कारण चल रहे लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था की रफ़्तार धीमी हुई है
विभिन्न क्षेत्रों में इस तरह आई गिरावट-
सेक्टर गिरावट (%)
ग्रोसरी एवं फार्मेसी - 23
इलेक्ट्रॉनिक बिल कलेक्शन - 9.4
जीएसटी ई-वे बिल - 13.7
रेलवे मालभाड़ा -3
ट्रांजिट स्टेशन -50
वर्क प्लेसेज -54
रिटेल एवं रिक्रिएशन -63
पावर सप्लाई एनर्जी मेट -42
Published on:
22 May 2021 05:11 pm
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