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केंद्र सरकार ने ओला, ऊबर जैसे एग्रिगेटरों को बड़े पैमाने पर सर्ज प्राइसिंग की अनुमति दे दी है। नए निर्देश के मुताबिक टैक्सी एग्रिगेटर कंपनियां दिन में मांग बढऩे पर अपने न्यूनतम किराए का 3 गुना, तो रात से सुबह 5 बचे के बीच चार गुना तक किराया वसूल सकते हैं।
केंद्र सरकार की इस गाइडलाइंस के तहत जरूरी फीज देकर और ऑनलाइन परमिशन प्राप्त कर निजी वाहनों को टैक्सी की तरह इस्तेमाल किए जाने की भी अनुमित मिल जाएगी। ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट (एआईटीपी) वाली कैब्स को भी एग्रिगेटर्स के अधीन संचालित करने की अनुमति मिल दी जाएगी। ऐसे वाहनों को बीपीओज, आईटी कंपनियां, सरकारी विभाग और पीएसयूज लंबी अवधि के लिए किराए पर ले सकेंगे।
कीमतों को लेकर दिशा-निर्देश केवल उन्हीं वाहनों के लिए तय होंगे जो 4 मीटर तक लंबे हों। ऐसे वाहनों को इकॉनमी टैक्सी की कैटेगिरी में रखा जाएगा। वहीं सर्ज प्राइसिंग में छूट के बाद इन कंपनियों को अभी अपने न्यूनतम किराए का प्रस्ताव भेजकर राज्य परिवहन विभागों से पास कराना होगा।
Published on:
16 Dec 2016 03:28 pm
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