
क्रूड ऑयल के दाम 6 महीने के हाई पर पहुंच गए हैं। (PC: AI)
Petrol Diesel Price: क्रूड ऑयल की कीमतों में जिस तरह से तेजी देखी जा रही है, उससे लग रहा है कि भारत में जल्द ही पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के चलते कच्चे तेल के दाम करीब 6 महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गए हैं। मार्च 2026 की एक्सपायरी वाला MCX क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 6,050 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया है।
रॉयटर्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स आज शुक्रवार को 33 सेंट या 0.5% बढ़कर 71.99 डॉलर पर पहुंच गया। जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 62 सेंट या 0.9% बढ़कर 67.05 डॉलर पर पहुंच गया।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान को परमाणु समझौते पर बातचीत करने का अल्टीमेटम देने के बाद, WTI क्रूड ऑयल फ्यूचर्स 66 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया, जो छह महीने का उच्च स्तर है और साप्ताहिक आधार पर 5% से अधिक की बढ़त की ओर बढ़ रहा है। ट्रंप ने संकेत दिया कि बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए 10 से 15 दिनों से अधिक का समय नहीं दिया जाएगा।
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य उपस्थिति भी 2003 में इराक पर हमले के बाद से सबसे अधिक स्तर तक बढ़ा दी है। इससे यह संभावना बढ़ गई है कि ईरान की परमाणु फैसिलिटीज पर पिछले जून में हुए हमले की तुलना में लंबी और व्यापक सैन्य कार्रवाई हो सकती है।
बढ़े हुए यूएस-ईरान तनाव, रुकी हुई परमाणु वार्ता और ईरान-रूस का संयुक्त नौसैनिक अभ्यास, जो वैश्विक तेल परिवहन के लिए महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में हो रहा है, ने जोखिम को काफी बढ़ा दिया है। इससे ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 69.15 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं।
इसी तरह, जिनेवा में रूस-यूक्रेन शांति वार्ता के टूटने से प्रतिबंधों के लंबे समय तक जारी रहने और आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे WTI की कीमतों को सपोर्ट मिला है। वहीं, अमेरिका और चीन में कच्चे तेल के घटते भंडार भी बाजार में आपूर्ति की कमी का संकेत दे रहे हैं, जबकि OPEC+ उत्पादन बढ़ाने की योजना बना रहा है।
सैमको सिक्युरिटीज के हेड ऑफ मार्केट पर्सपेक्टिव्स एंड रिसर्च अपूर्वा शेठ ने कहा कि WTI क्रूड ने 55 डॉलर के स्तर से तेज रिकवरी की है। हर रैली को 50% या 78.6% के प्रमुख फिबोनाची रिट्रेसमेंट स्तर पर सपोर्ट मिला है। यह अब एक बुलिश “हायर हाई-हायर लो” स्ट्रक्चर बना रहा है और 66 डॉलर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि मौजूदा स्ट्रक्चर गिरती ट्रेंडलाइन के नीचे एक फ्लैग कंसोलिडेशन जैसा दिख रहा है, जिसमें प्रमुख सपोर्ट $62 से $63 के बीच है और मजबूत बेस $59 के आसपास है। RSI 50 से ऊपर बना हुआ है, जो अल्पकालिक उतार-चढ़ाव के बावजूद सकारात्मक गति का संकेत देता है।
अपूर्वा ने बताया कि जब बाजार में लिक्विडिटी बढ़ती है और वास्तविक ब्याज दरें चरम पर होती हैं, तो पहले सोना बढ़ता है। इसके बाद चांदी और बेस मेटल्स बढ़ते हैं, क्योंकि आर्थिक विकास की उम्मीदें बेहतर होती हैं। एनर्जी सेक्टर आमतौर पर बाद में बढ़ता है, जब औद्योगिक गतिविधि और महंगाई का दबाव बढ़ता है। वर्तमान में अमेरिका-ईरान तनाव तेल की कीमतों को ऊपर ले जा रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि क्रूड ऑयल को अमेरिकी शेल क्रांति के अंत, उत्पादन क्षमता में कम निवेश और चीन जैसे देशों द्वारा रणनीतिक भंडार बढ़ाने के कारण मांग में संभावित वृद्धि जैसे फैक्टर्स से भी सपोर्ट मिल रहा है। शेठ ने कहा कि क्रूड अभी रेजिस्टेंस के नीचे दबाव में है, लेकिन यदि यह $66 से ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट करता है, तो कीमतें $72-73 तक जा सकती हैं। यह ब्रेकआउट कमोडिटी सुपर साइकिल के ऊर्जा चरण की शुरुआत की पुष्टि कर सकता है।
Updated on:
21 Feb 2026, 9:27 AM IST
Published on:
20 Feb 2026, 4:19 PM IST
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