15 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Petrol Price Today: 1947 में 25 पैसे में बिकता था 1 लीटर पेट्रोल, आज 100 रुपये के पार, 79 वर्षों में कुछ यूं आई फ्यूल की महंगाई

Petrol Price Hike: भारत में पेट्रोल की कीमतें पिछले दो दशकों में तेजी से बढ़ी हैं। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल के दाम, रुपये की कमजोरी, टैक्स और वैश्विक तनाव इसकी बड़ी वजह रहे हैं। 2004 में करीब 34 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला पेट्रोल अब 100 के पार पहुंच चुका है।

3 min read
Google source verification

भारत

image

Pawan Jayaswal

May 15, 2026

Petrol Price India

पेट्रोल की कीमत में आज इजाफा हुआ है। (PC: AI)

Petrol Price History: साल 1947 में जब भारत आजाद हुआ था, उस समय देश में पेट्रोल 25 से 27 पैसे प्रति लीटर में बिकता था। आज देश के कई शहरों में पेट्रोल के भाव 100 रुपये से ऊपर है। पेट्रोल की यह महंगाई आम आदमी की जेब पर बड़ा असर डाल रही है। आज शुक्रवार को भी देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा हुआ है। साल 1947 के उस दौर में गाड़ियों की संख्या कम थी और तेल बाजार पर सरकार का पूरा नियंत्रण रहता था। लेकिन समय बदला, अर्थव्यवस्था खुली और दुनिया के बाजार का असर भारत पर भी दिखने लगा।

1991 में आर्थिक उदारीकरण के बाद पेट्रोल की कीमतें अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल से ज्यादा जुड़ गईं। यहीं से खेल बदलना शुरू हुआ। जब दुनिया में क्रूड ऑयल महंगा होता, तो भारत में भी पेट्रोल के दाम ऊपर जाने लगते। ऊपर से रुपया कमजोर पड़ा, जिसने आग में घी डालने का काम किया।

2004 में 33.71 रुपये पर था पेट्रोल

साल 2004 तक भारत में पेट्रोल करीब 33.71 रुपये प्रति लीटर में बिक रहा था। उस समय भी लोगों को कीमतें ज्यादा लगती थीं, लेकिन अगले कुछ वर्षों में जिस तेजी से दाम बढ़े, उसने पुरानी कीमतों को बहुत पीछे छोड़ दिया। 2014 आते-आते पेट्रोल करीब 72.43 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया। यानी करीब 10 साल में दाम दोगुने से भी ज्यादा हो गए। इसके बाद टैक्स, वैश्विक बाजार और कई अंतरराष्ट्रीय घटनाओं ने कीमतों को लगातार ऊपर धकेला।

ऐसे बढ़े पेट्रोल-डीजल के भाव

साल 1947 में पेट्रोल लगभग 25-27 पैसे प्रति लीटर पर था। साल 1970 में यह कीमत करीब 90 पैसे प्रति लीटर पर थी। यानी 1947 से लेकर 1970 तक कीमतों में कोई बहुत ज्यादा बढ़ोतरी नहीं हुई। इसके बाद साल 1990 में पेट्रोल करीब 4.20 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा था। साल 2004 आते-आते यह कीमत 33.71 रुपये पर पहुंच गई। 2013 में यह 72.26 रुपये पर पहुंची थी। अब आज देश के कई शहरों में पट्रोल 100 रुपये के ऊपर है।

हाल के वर्षों में चिंताजनक रहा है तेल बाजार

भारत अपनी तेल जरूरत का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है। ऐसे में जब दुनिया में कच्चे तेल के दाम बढ़ते हैं या किसी युद्ध और तनाव की वजह से सप्लाई प्रभावित होती है, तो सीधा असर भारत पर पड़ता है। रूस-यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट तनाव और सप्लाई चेन में रुकावटों ने हाल के वर्षों में तेल बाजार को काफी हिलाकर रखा है।

टैक्स की वजह से भी महंगा मिलता है पेट्रोल

पेट्रोल महंगा होने की एक बड़ी वजह टैक्स भी हैं। केंद्र सरकार एक्साइज ड्यूटी लगाती है, जबकि राज्य सरकारें वैट वसूलती हैं। कई बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल सस्ता होने के बावजूद लोगों को राहत नहीं मिलती, क्योंकि टैक्स का बोझ बना रहता है। रुपये और डॉलर का रिश्ता भी यहां अहम भूमिका निभाता है। जब रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होता है, तो भारत को तेल आयात करने के लिए ज्यादा पैसा खर्च करना पड़ता है। इसका असर आखिरकार पेट्रोल पंप तक पहुंच जाता है।

अब 100 रुपये के पार पहुंचा पेट्रोल

वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर से ऊपर बने रहने के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को नुकसान हो रहा था। यही कारण है कि आज कीमतें बढ़ा दी गई हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल का रेट 3 रुपये बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गया है। कोलकाता में पेट्रोल 3.29 रुपये बढ़कर 108.74 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। मुंबई में पेट्रोल का भाव 3.14 रुपये बढ़कर 106.68 रुपये प्रति लीटर पर जा पहुंचा है। वहीं, चेन्नई में अब पेट्रोल 2.83 रुपये की बढ़ोतरी के साथ 103.67 रुपये प्रति लीटर पर है।

कीमतों में राहत की उम्मीद नहीं

तेल बाजार की चाल देखकर कीमतों में आगे राहत की उम्मीद कम दिखाई देती है। जानकार मानते हैं कि जब तक अंतरराष्ट्रीय हालात स्थिर नहीं होते और टैक्स ढांचे में बड़ी राहत नहीं मिलती, तब तक पेट्रोल के दाम लोगों की जेब पर दबाव बनाए रख सकते हैं। छोटी राहत मिल भी जाए, तो बढ़ती महंगाई उसका असर जल्दी खत्म कर देती है।