
PM Kisan Yojana
नई दिल्ली। मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan) से 12.14 करोड़ किसान शामिल हो चुके हैं। इसकी 9वीं किस्त मोदी सरकार ने किसानों को दे दी है। अगस्त-नवंबर 2021 की 2 हजार रुपये की किस्त 10 करोड़ से अधिक किसानों के खातों में जा चुकी है। वहीं, पीएम किसान पोर्टल पर 31 अगस्त तक दिए आंकड़े बताते हैं कि करीब दो करोड़ से अधिक किसानों की किस्त लटकी हुई है।
क्यों रुकती है किस्त
गौरतलब है कि कई राज्यों में इस योजना का लाभ कुछ फर्जी किसान उठा रहे थे। इसके बाद सरकार ने ऐसे किसानों से पैसों की रिकवरी को शुरू कर दिया है। तमिलनाडु, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, गुजरात और हिमाचल प्रदेश के आयकारदाता किसान गलत तरह से किस्त उठा रहे थे। इनसे पैसे की वसूली की गई।
ऐसा कहा जा रहा है कि रिकवरी के डर के कारण राज्यों में फर्जी एंट्री करने वाले किसानों ने अपने नाम वापस ले लिए हैं। वहीं लाखों किसानों को उनके गलत डेटा के कारण पोर्टल से हटाया गया है। बीते दिनों खुद कृषि मंत्री ने सदन को बताया था कि पीएम किसान सम्मान निधि के अंतर्गत देश भर में 42 लाख से ज्यादा अपात्र किसान लाभ ले रहे हैं।
इस वजह से भी लटकी किस्त
किसानों का नाम अंग्रेजी में होना जरूरी है। वहीं, जिन किसानों का नाम आवेदन में हिंदी में लिखा गया है। इन नामों में संशोधन जरूरी है। आवेदन में आवेदक का नाम और बैंक अकाउंट में आवेदक का नाम अलग-अलग तरह से लिखे होने के कारण पेमेंट नहीं पहुंच पाता है।
इसके साथ IFSC कोड, बैंक अकाउंट नंबर और गांव के नाम को लिखने में कोई गलती होती तो आपकी किस्त आपके खाते में नहीं पहुंच पाएगी। डाटा को सही करने के लिए किसान अपने ब्रांच जाकर बैंक में अपना नाम आधार और आवेदन में दिए नाम के अनुरूप करना होगा। इन त्रुटियों में सुधार के लिए आधार सत्यापन जरूरी है।
Published on:
06 Sept 2021 10:48 pm
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