
ITR form में हुई गलती को सुधारा जा सकता है। (फोटो: Freepik)
ITR Form Correction: हर साल कई टैक्सपेयर्स अपनी इनकम के हिसाब से सही इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फॉर्म नहीं भरते हैं और उन्हें बाद में परेशान होना पड़ता है। जैसे कि नौकरीपेशा लोग तय सीमा से ज्यादा कैपिटल गेन होने के बावजूद ITR-1 भर देते हैं, जबकि कारोबार या प्रोफेशन से आय वाले कई लोग ITR-2 दाखिल कर देते हैं। ऐसे लोगों का टैक्स रिफंड रुक सकता है। अगर आपने असेसमेंट ईयर 2026-27 का ITR गलत फॉर्म में भर दिया है तो आइए जानते हैं कि अब आपको क्या करना होगा।
तय समय के भीतर रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करके इस गलती को सुधारा जा सकता है। ऐसा नहीं करने पर रिटर्न डिफेक्टिव या अमान्य माना जा सकता है, जिससे रिफंड में देरी और विभाग की ओर से नोटिस मिलने जैसी परेशानी हो सकती है।
यदि गलत फॉर्म में ITR दाखिल हो गया है तो इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 139(5) के तहत, रिवाइज्ड ITR फाइलिंग 31 मार्च, 2027 तक या असेसमेंट पूरा होने से पहले (जो भी पहले हो) की जानी चाहिए। इसके लिए डिपार्टमेंट के ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग इन करके रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल किया जा सकता है। इसके लिए ये स्टेप फॉलो करने पड़ते हैं।
क्लियरटैक्स की टैक्स एक्सपर्ट सीए चांदनी आनंदन के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 31 दिसंबर 2026 तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने पर कोई लेट फीस नहीं लगेगी। लेकिन 31 दिसंबर 2026 के बाद और 31 मार्च 2027 तक रिवाइज्ड रिटर्न भरने पर कुल आय 5 लाख रुपये तक होने पर 1,000 रुपये और 5 लाख रुपये से अधिक होने पर 5,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी।
Updated on:
27 Jun 2026 11:38 am
Published on:
27 Jun 2026 11:37 am
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