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पॉवर कंपनियों को मिल सकती है लोन की राहत, PFC और REC ने कही लोन देने की बात

DISCOM कंपनियों को अब पॉवर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (पीएफ़सी) और ग्रामीण विद्युकरण निगम लिमिटेड (आरईसी) स्पेशल लोन दे सकती हैं

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power sector

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नई दिल्ली: इन दिनों देश कोरोना संकट से जूझ रहा है। कोरोनावायरस के बढ़ते प्रकोप के चलते देश को 3 मई तक के लिए लॉकडाउन किया गया है। लॉकडाउन( lockdown 2 ) के कारण सारा कारोबार बंद पड़ा है जिस से अर्थव्यवस्था ( economy ) को भारी नुकसान हो रहा है। लेकिन इस मुश्किल वक़्त में पावर कंपनियों के लिए एक अच्छी खबर है।

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DISCOM कंपनियों को अब पॉवर फाइनेंस कॉर्पोरेशन (pfc) और ग्रामीण विद्युकरण निगम लिमिटेड (rec) स्पेशल लोन दे सकती हैं। ये वित्त कंपनियां DISCOM को 10-15 साल तक के लिए लोन दे सकती हैं। ये लोन पावर कंपनियों को बिल के भुगतान के लिए दिया जाएगा। देश की ज़्यादातर पावर कंपनियां घाटे में चलती हैं। इन पावर कंपनियों का करीब 88000 करोड़ रुपये बकाया है। ऐसे में इस लोन से उन्हें मदद मिलेगी।

पावर सेक्टर ( power sector ) में CLSA की TOP पिक्स पर नजर डालें तो CLSA ने NTPC में 157 रुपये के लक्ष्य के लिए, CESC में 880 रुपये के लक्ष्य के लिए और JSW Energy में 85 रुपये के लक्ष्य के लिए खरीद की सिफारिश की है।

सीएलएसए का कहना है कि इस स्पेशल लोन से लिक्विडिटी में सुधार होगा। सीएलएसए ने कुछ कंपनियों को खरीदने की शिफारिश भी की है। एनटीपीसी, सीईएससी और जेएसडबल्यू एनर्जी जैसी कंपनियों को खरीदना चाहती है। सीएलएसए ने NTPC में 157 रुपये के लक्ष्य के लिए, CESC में 880 रुपये के लक्ष्य के लिए और JSW Energy में 85 रुपये के लक्ष्य के लिए खरीद की सिफारिश की है।

मार्च में पावर जनरेशन ( power generation ) पर नजर डालें तो केंद्र सरकार ( union govt ) के प्लांट्स का उत्पादन 38602 m kWh, राज्य सरकार के प्लांट्स का उत्पादन 29973 m kWh और निजी कंपनियों के प्लांट्स का उत्पादन 29022m kWh रहा है। पावर जनरेशन में हिस्से की बात करें तो इसमें एनटीपीसी की हिस्सेदारी 23 फीसदी और निजी कंपनियों की हिस्सेदारी 29.7 फीसदी है।