
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: Pexels)
अगर आपने अपनी कार बेचने या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम ट्रांसफर करने की योजना बना रखी है, तो अब एक छोटी सी चूक भी बड़ी परेशानी बन सकती है। नए नियमों के मुताबिक यदि आपके वाहन पर हाईवे का टोल बकाया पाया गया, तो न केवल कार की बिक्री अटक जाएगी बल्कि वाहन ट्रांसफर की प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पाएगी। सरकार ने टोल भुगतान को सीधा वाहन के दस्तावेजों से जोड़ दिया है, जिससे हर वाहन मालिक के लिए समय पर टोल चुकाना अब पहले से कहीं ज्यादा जरूरी हो गया है।
सरकार ने सेंट्रल मोटर व्हीकल रूल्स 1989 में बदलाव लाते हुए केंद्रीय मोटर वाहन (दूसरा संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित किया है। इसमें टोल क्लीयरेंस को वाहन से जुड़ी जरूरी सेवाओं से जोड़ दिया है। नए नियमों के अनुसार यदि किसी वाहन पर नेशनल हाईवे टोल बकाया है तो उस वाहन का ओनरशिप ट्रांसफर, इंटर स्टेट ट्रांसफर या फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो पुरानी गाड़ी बेचने या किसी दूसरे राज्य में शिफ्ट होने की तैयारी कर रहे हैं।
संशोधित नियमों में पहली बार अनपेड यूजर फी की स्पष्ट परिभाषा दी गई है। जब कोई वाहन नेशनल हाईवे टोल प्लाजा से गुजरता है और इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम में उसकी एंट्री दर्ज हो जाती है लेकिन भुगतान प्राप्त नहीं होता, तो उसे अनपेड टोल माना जाएगा। यह स्थिति फास्टैग अकाउंट में कम बैलेंस, तकनीकी गड़बड़ी या समय पर समस्या सुलझाने में देरी के कारण भी बन सकती है।
यदि किसी वाहन पर टोल बकाया है तो उसके लिए नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट जारी नहीं किया जाएगा। इसके बिना वाहन की बिक्री या ट्रांसफर संभव नहीं होगी। इसके अलावा इंटर स्टेट ट्रांसफर के लिए भी एनओसी नहीं मिलेगी। फिटनेस सर्टिफिकेट जारी या रिन्यू नहीं होगा और कमर्शियल वाहनों को नेशनल परमिट भी नहीं दिया जाएगा। खास बात यह है कि यदि कोई निजी वाहन तीन महीने से अधिक समय के लिए दूसरे राज्य में ले जाया जाता है, तो एनओसी अनिवार्य होती है।
इन बदलावों का मकसद टोल कलेक्शन सिस्टम में अनुशासन लाना और डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना है। सरकार और नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के लिए यह कदम मल्टी लेन फ्री फ्लो टोलिंग यानी Multi-Lane Free Flow (MLFF) को सफल बनाने में मददगार होगा। जुलाई 2025 में शुरू हुई पब्लिक कंसल्टेशन प्रक्रिया के बाद यह फैसला लिया गया, ताकि हाईवे मेंटेनेंस और विस्तार के लिए स्थिर फंडिंग सुनिश्चित की जा सके।
Updated on:
23 Jan 2026 03:51 pm
Published on:
23 Jan 2026 03:50 pm
बड़ी खबरें
View Allकारोबार
ट्रेंडिंग
