7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

e-RUPI Launch: पीएम मोदी ने e-RUPI किया लॉन्च, डिजिटल गवर्नेंस को मिला नया आयाम

  प्रधानमंत्री ने कल अपने एक ट्वीट में कहा था कि डिजिटल टेक्नोलॉजी से लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव आ रहा है। इससे आम लोगों की जिंदगी सुगम हो रही है।

3 min read
Google source verification

image

Dhirendra Kumar Mishra

Aug 02, 2021

PM modi launch e-RUPI

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिए e-RUPI लॉन्च किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का मकसद डिजिटल पेमेंट को आसान और सुरक्षित बनाना है। साथ ही बिना किसी मध्यस्थ के डिजिटल पेमेंट को बढ़ावा देना है। इसे नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन आफ इंडिया ने तैयार किया है। पीएम ने कहा कि यह एक वाउचर बेस्ड पेमेंट सॉल्यूशन है। e-RUPI के जरिए कैशलेस और कॉनटैक्टलेस तरीके से डिजिटल पेमेंट किया जा सकता है।

मुंबई की महिला बनी पहली यूजर

e-RUPI लॉन्चिंग के बाद सबसे पहले मुंबई में एक महिला ने एक प्राइवेट हॉस्पिटल में e-RUPI के जरिए वैक्सीनेशन के लिए भुगतान किया और डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन की पहली यूजर बन गईं। इस महत्वपूर्ण डिजिटल कार्यक्रम में देश के विभिन्न राज्यों के राज्यपालों, केंद्रीय मंत्रियों, आरबीआई के गवर्नर और अन्य गणमान्य व्यक्ति ने हिस्सा लिया।

TTLFD में मिलेगी मदद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज देश, डिजिटल गवर्नेंस को एक नया आयाम मिला है। eRUPI वाउचर, देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन को, DBT को और प्रभावी बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है। इससे Targeted, Transparent और Leakage Free Delivery ( TTLFD ) में सभी को बड़ी मदद मिलेगी।

भारत में है ग्लोबल लीडरशिप देने की क्षमता
आज दुनिया को दिखा रहा है कि भारत तकनीकी को अपनाने और उससे जुडने में किसी से भी पीछे नहीं हैं। नवाचार और सर्विस की डिलीवरी में भारत दुनिया के बड़े देशों के साथ मिलकर ग्लोबल लीडरशिप देने की क्षमता रखता है।

स्वनिधि योजना से 23 लाख लोगों को मिली मदद
पीएम मोदी ने कहा कि हमारी सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना की शुरुआत की। आज देश के छोटे-बड़े शहरों में 23 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी और ठेले वालों को इस योजना के तहत मदद मिली है। कोरोना काल में लगभग 2300 करोड़ रुपए उन्हें दिए गए। देश में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल ट्रांजेक्शन के लिए जो काम पिछले 6 से 7 वर्षों में हुआ है उसका लोहा आज दुनिया मान रही है।

लोग कैश के बजाय eRUPI में कर सकते हैं पेमेंट
दे eRUPI वाउचर देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन और डीबीटी को पहले से ज्यादा प्रभावी बनाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाने वाला है। इससे टार्गेटेड, ट्रांसपोर्ट और लीकेज फ्री डिलिवरी में सभी को बड़ी मदद मिलेगी। सरकार ही नहीं, अगर कोई सामान्य संस्था या संगठन किसी के इलाज में, किसी की पढाई में या दूसरे काम के लिए कोई मदद करना चाहता है तो वो कैश के बजाय eRUPI दे पाएगा। इससे सुनिश्चित होगा कि उसके द्वारा दिया गया धन, उसी काम में लगा है जिसके लिए वो राशि दी गई है।

टेक्नोलॉजी केवल अमीरों की चीज नहीं
पीएम मोदी ने कहा कि eRUPI एक तरह से पर्सन के साथ-साथ पर्पस स्पेसिफिक भी है। यानि जिस मकसद से कोई मदद या कोई बेनिफिट दिया जा रहा है वो उसी के लिए प्रयोग होगा। पहले हमारे देश में कुछ लोग कहते थे कि टेक्नोलॉजी तो केवल अमीरों की चीज है,।भारत तो गरीब देश है। इसलिए भारत के लिए टेक्नोलॉजी का क्या काम। जब हमारी सरकार टेक्नोलॉजी को मिशन बनाने की बात करती थी तो बहुत से राजनेता, कुछ खास किस्म के एक्सपर्ट्स उस पर सवाल खड़ा करते थे।

e-RUPI डिजिटल पेमेंट के लिए कैशलेस और कॉनटैक्ट लेस माध्यम है। PM मोदी ने रविवार को डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म e-RUPI के फायदे गिनाए थे। उन्होंने कहा कि डिजिटल टेक्नोलॉजी लोगों के जीवन में व्यापक बदलाव ला रहा है और इससे जीवन भी आसान बन रहा है।

क्या है e-RUPI?

e-RUPI को नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने अपने UPI Platform पर वित्तीय सेवा विभाग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के सहयोग से विकसित किया है। यह बिना किसी फिजीकल इंटरफेस के डिजिटल तरीके से लाभार्थियों और सर्विस प्रोवाइडर के साथ सर्विस के स्पॉन्सर को जोड़ता है। e-RUPI डिजिटल पैमेंट के लिए कैशलेस और कॉन्टैक्टलस साधन है। यह एक QR code या SMS स्ट्रिंग-बेस्ड ई-वाउचर है, जिसे लाभार्थियों के मोबाइल पर पहुंचाया जाता है। इस पैमेंट मैकेनिज्म के यूजर्स सर्विस प्रोवाइडर पर बिना कार्ड, डिजिटल पैमेंट ऐप या इंटरनेट बैंकिंग एक्सेस के बिना वाउचर को रिडीम कर सकते हैं। कल्याण सेवाओं की लीक-प्रूफ डिलीवरी सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक क्रांतिकारी कदम साबित हो सकता है।

इसका उपयोग आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, उर्वरक सब्सिडी आदि जैसी योजनाओं के तहत मातृ एवं बाल कल्याण योजनाओं, टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों, दवाओं और निदान के तहत दवाएं और पोषण सहायता देने के लिए योजनाओं के तहत किया जा सकता है। निजी क्षेत्र भी कर्मचारी कल्याण और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में इन डिजिटल वाउचर का लाभ उठा सकते हैं।