ब्याज दरें जारी रख सकता आरबीआइ

बैंक की तरफ से बॉन्ड खरीद के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बाद कुछ हद तक अंकुश की उम्मीद ।
फिच सॉल्यूशंस का अनुमान: बॉन्ड प्राप्ति में हो रही बढ़त पर लग सकेगी रोक।

By: विकास गुप्ता

Updated: 10 Apr 2021, 02:15 PM IST

नई दिल्ली। फिच सॉल्यूशंस का मानना है कि भारतीय रिजर्व बैंक के एक लाख करोड़ रुपए की सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद करने के फैसले से लगता है कि चालू वित्त वर्ष के दौरान बैंक मुख्य नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं करेगा। मार्च, 2022 को समाप्त होने वाले वित्त वर्ष में ब्याज दरों में बदलाव की संभावना नहीं लगती है। फिच का कहना है कि हमें शुरुआत में यह लगा था कि फरवरी में बजट की घोषणा के बाद से सरकारी बॉन्ड प्राप्ति में वृद्धि की गति को थामने के लिए नीतिगत दर में एक और कटौती की जा सकती है।

मुद्रास्फीतिक दबाव-
फिच ने कहा कि हम अपने पिछले पूर्वानुमान को संशोधित करते हुए यह कहते हैं कि रिजर्व बैंक वित्त वर्ष 2021-22 के दौरान चार प्रतिशत के स्तर पर स्थिर रखेगा। इससे पहले हमने वर्ष के दौरान 0.25 प्रतिशत कटौती का अनुमान व्यक्त किया था। इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष के दौरान मुद्रास्फीति के अनुमान को भी संशोधित कर औसतन पांच प्रतिशत करते हैं, जो पहले के 4.6 प्रतिशत के अनुमान से अधिक है।

rbi RBI India
विकास गुप्ता
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned