
नई दिल्ली। सट्टेबाजी और जालसाजी के बाजार में ऑनलाइन या ऑफलाइन मोड में पुराने बैंक नोट और सिक्कों की खरीद और बिक्री के नाम पर खुलेआम जारी फ्रॉड को भारतीय रिजर्व बैंक ने गंभीरता से लिया है। अब आरबीआई ने इस कारोबार को लेकर बयान जारी किया है। आरबीआई ने अलर्ट जारी कर साफ कर दिया है कि केंद्रीय बैंक का ऐसे मामलों से कोई लेना-देना नहीं है। शीर्ष बैंक ने लोगों को पुराने नोट और सिक्कों की खरीद और बिक्री के नाम पर जारी फ्रॉड से सावधान रहने को कहा है। ऐसा न करने पर लोगों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।
फ्रॉड से बचने की सलाह
आरबीआई ने बुधवार को जारी बयान में कहा है कि केंद्रीय बैंक कभी भी किसी प्रकार का शुल्क या कमीशन की मांग नहीं करता है। बैंक ने अपनी ओर से इस तरह के लेनदेन में शुल्क लेने के लिए किसी भी संस्था, फर्म, व्यक्ति आदि को अधिकृत नहीं किया है। ऐसे में भारतीय रिजर्व बैंक ने जनता को अलर्ट करते हुए कहा है कि आरबीआई के नाम का उपयोग करने वाले ऐसे फर्जी और धोखाधड़ी वाले प्रस्तावों के माध्यम से धन निकालने वाले तत्वों का शिकार न बनें।
इससे पहले भी आरबीआई ने लोगों को किसी भी तरह के फ्रॉड को लेकर अलर्ट किया था। आरबीआई ने भुगतान प्रणाली परिचालकों ( पीएसओ ) की गतिविधियों की आउटसोर्सिंग को लेकर नियम जारी किए हैं। इसके तहत पीएसओ मुख्य प्रबंधकीय कामकाज को आउटसोर्स नहीं करेंगे। इनमें जोखिम प्रबंधन और आंतरिक ऑडिट, अनुपालन और निर्णय लेने संबंधी कामकाज जैसे केवाईसी नियमों के तहत अनुपालन तय करना शामिल है।
आरबीआई की ओर से जारी स्पष्टीकरण के बावजूद अगर आप भी पुराने नोटों और सिक्कों के जरिए लखपति बनने का सपना पाल रहे हैं तो थोड़ा सावधान हो जाएं। इस खेल में अब कई फर्जी खिलाड़ी भी शामिल हो गए हैं। ऐसे खिलाड़ी आपकी चाहत का लाभ उठा सकते हैं।
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Updated on:
04 Aug 2021 08:05 pm
Published on:
04 Aug 2021 07:39 pm
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