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भारतीयों के लिए घर खरीदना हुआ आसान, अहमदाबाद सबसे अधिक अफोर्डेबल मार्केट, उधर मुंबई वालों के लिए आई गुड न्यूज

Real Estate News: मुंबई की हिस्ट्री में पहली बार हाउसिंग मार्केट में अफोर्डेबिलिटी 50 फीसदी के लेवल से नीचे आई है। यहां ईएमआई टू इनकम रेश्यो घटकर 47 फीसदी पर आ गया है।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Dec 24, 2025

Real Estate News

भारतीयों के लिए घर खरीदने के मामले में अफोर्डेबिलिटी बढ़ी है। (PC: ChatGPT)

Real Estate News: प्रॉपर्टी की कीमतों में पिछले 3-4 साल में जबरदस्त इजाफा हुआ है। इसके बावजूद भारतीयों के लिए घर खरीदना पहले से आसान हो गया है। साल 2025 में इनकम लेवल बढ़ने और इकोनॉमिक ग्रोथ में तेजी आने से ग्राहकों का घर खरीदने को लेकर कॉन्फिडेंस मजबूत हुआ है। ग्लोबल रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक इंडिया की एक रिपोर्ट से यह जानकारी सामने आई है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से लोग बड़े एसेट खरीदकर लॉन्ग टर्म फाइनेंशियल कमिटमेंट लेने की स्थिति में आ गए हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा इस साल प्रमुख ब्याज दर यानी रेपो रेट मे कुल 1.25 फीसदी की कटौती की गई है। इससे होम लोन पर ब्याज दरों में गिरावट आई है। इससे ग्राहकों का खरीदारी को लेकर कॉन्फिडेंस बढ़ा है। मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और कोलकाता अफोर्डेबिलिटी इंडेक्स में टॉप पर हैं। इस इंडेक्स को ईएमआई टू इनकम रेश्यो के आधार पर तैयार किया जाता है। इस सुधार से डिमांड को सपोर्ट मिला है। साथ ही देशभर में घरों की बिक्री मजबूत हुई है।

अहमदाबाद सबसे अधिक अफोर्डेबल हाउसिंग मार्केट

18% के ईएमआई टू इनकम रेश्यो के साथ टॉप शहरों में अहमदाबाद सबसे अधिक अफोर्डेबल हाउसिंग मार्केट के रूप में उभरा है। इसके बाद पुणे और कोलकाता का स्थान हैं। इन दोनों का ईएमआई टू इनकम रेश्यो 22% है। कम रेश्यो यह दर्शाता है कि लोग अपनी इनकम का एक छोटा हिस्सा होम लोन ईएमआई में दे रहे हैं। यह हाउसिंग को अधिक अफोर्डेबल बनाता है।

मुंबई वालों के लिए गुड न्यूज

मुंबई की बात करें, तो वहां, हाउसिंग अफोर्डेबिलिटी में महत्वपूर्ण सुधार आया है। यहां ईएमआई टू इनकम रेश्यो घटकर 47 फीसदी पर आ गया है। यह मुंबई के इतिहास में पहली बार है कि अफोर्डेबिलिटी 50% के स्तर से नीचे आ गई है। रिपोर्ट के अनुसार, यह भारत के सबसे अधिक एक्सपेंसिव रेजिडेंशियल मार्केट के लिए अधिक सस्टेनेबल अफोर्डेबिलिटी का संकेत है।

NCR में खराब हुई अफोर्डेबिलिटी

बेंगलुरु और हैदराबाद में अफोर्डेबिलिटी लेवल स्टेबल रहे हैं। वहीं, चेन्नई में 23% रेश्यो के साथ अफोर्डेबिलिटी पहले से अच्छी हुई है। एनसीआर अकेला ऐसा मार्केट है, जहां अफोर्डेबिलिटी थोड़ी खराब हुई है। यहां औसत कीमतों में प्रीमियम के चलते इजाफा हुआ है।

मुंबई में सबसे अधिक है कीमत

भारित औसत कीमतों की बात करें, तो यह मुंबई में सबसे अधिक 8,856 रुपये प्रति वर्ग फुट है। दिल्ली एनसीआर में 6,028 रुपये प्रति वर्ग फुट है। बेंगलुरु में 7,388 रुपये प्रति वर्ग फुट है। पुणे में 5,016 रुपये प्रति वर्ग फुट है। इसके अलावा चेन्नई में 5,135, हैदराबाद में 6,721, कोलकाता में 4,037 और अहमदाबाद में 3,197 रुपये प्रति वर्ग फुट है।

बेंगलुरू में सबसे तेजी से बढ़ी कीमतें

एवरेज प्राइस ग्रोथ की बात करें, तो साल 2020 से 2025 के दौरान सबसे अधिक बेंगलुरु में 50 फीसदी रही। इसके बाद सबसे अधिक एवरेज प्राइस ग्रोथ हैदराबाद में 49 फीसदी रही। इसके अलावा, एनसीआर में 42 फीसदी, चेन्नई में 35 फीसदी, मुंबई में 30 फीसदी, कोलकाता में 26 फीसदी, पुणे में 25 फीसदी और अहमदाबाद में 14 फीसदी रही।