देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने डिजीटल बैंकिंग के क्षेत्र में एक नई शुरुआत करते हुए 'एसबीआई ई-स्मार्ट एसएमई' लांच किया। इसके तहत ई-कॉमर्स कंपनियों के आपूर्तिकर्ताओं को बैलेंसशीट या आयकर रिटर्न की जगह ई-कॉमर्स कंपनी के पास उपलब्ध कारोबार के आंकड़ों के आधार पर लोन (ऋण) दिया जाएगा। फिलहाल इसके लिए बैंक ने ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील के साथ उसके आपूर्तिकर्ताओं को ऋण देने के लिए समझौता किया है।
बैंक की अध्यक्ष अरुंधति भट्टाचार्या ने एसबीआई ई-स्मार्ट एसएमई की लॉंचिग के मौके पर कहा, 'ई-कॉमर्स के विकास ने एक नया इको सिस्टम तैयार किया है जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पांच लाख से ज्यादा विक्रेता अपने उत्पाद बेच रहे हैं। इसने बैंकिंग क्षेत्र के लिए नए अवसरों के द्वार खोले हैं। अब यह हमारे ऊपर है कि हम इन अवसरों को कैसे भुनाते हैं।'
भट्टाचार्या ने कहा, 'इस नई सुविधा के साथ विक्रेता ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ही ऋण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और उसी समय उनका ऋण मंजूर हो जायेगा। प्लेटफॉर्म पर आपूर्तिकर्ता के प्रदर्शन के आंकड़े उसकी पात्रता की पहचान करने में सक्षम बनाएंगे। इसमें पारंपरिक वित्तीय कागजात जैसे बैलेंसशीट या आयकर रिटर्न की जरूरत नहीं होगी।' उन्होंने कहा कि इसके अलावा कई परोक्ष जानकारियों का इस्तेमाल किया जाएगा जैसे सोशल मीडिया पर उसकी स्थिति, नियामकों के पास उनकी फाइलिंग आदि जो सार्वजनिक मंच पर उपलब्ध है।