
प्रतीकात्मक तस्वीर (PC: Pexels)
सोमवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक संकेतों में अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली के चलते बाजार की शुरुआत दबाव में हुई है। आगे के सत्र में बाजार की दिशा वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर निर्भर करेगी। बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक लाल निशान में खुले, जिससे निवेशकों में शुरुआती सत्र में सतर्कता देखने को मिली।
बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद स्तर 85,439.62 के मुकाबले गिरावट के साथ खुला और शुरुआती कारोबार में करीब 327 अंकों की गिरावट के साथ 85,111.68 पर कारोबार करता दिखा। सेंसेक्स में बैंकिंग, आईटी और कुछ चुनिंदा दिग्गज शेयरों में दबाव के कारण गिरावट रही। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 भी अपने पिछले बंद स्तर 26,250.30 से 61.45 अंकों की गिरावट के साथ नीचे फिसलकर 26,188.85 पर खुला। निफ्टी में शुरुआती कारोबार के दौरान गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने से बाजार की धारणा कमजोर नजर आई।
शेयर बाजार की ओपनिंग में मिला-जुला रुख देखने को मिला। शुरुआती कारोबार में हिंडलको, अपोलो हॉस्पिटल्स, एचडीएफसी लाइफ, आईसीआईसीआई बैंक और बजाज ऑटो जैसे शेयरों में खरीदारी देखी गई, जिससे ये स्टॉक्स हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। मेटल और ऑटो सेक्टर के कुछ शेयरों में मजबूती से बाजार को सीमित सहारा मिला।
वहीं दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाइटन, ट्रेंट, टाटा कंज्यूमर और कुछ आईटी शेयरों में दबाव बना रहा, जिससे ये स्टॉक्स गिरावट के साथ खुले। बैंकिंग और एफएमसीजी के चुनिंदा शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार की तेजी पर असर पड़ा। कुल मिलाकर, कुछ चुनिंदा दिग्गज शेयरों में मजबूती के बावजूद गिरने वाले शेयरों की संख्या अधिक रही, जिससे बाजार की धारणा सतर्क बनी रही।
Published on:
06 Jan 2026 09:57 am
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