
Share Market Shine, Sensex gain 200 points, Nifty crosses 14770 points
नई दिल्ली। स्टॉक एक्सचेंज पर 2021-22 में ऑप्शन ट्रेडिंग रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया है। इस साल फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (एफएंडओ) सेगमेंट के कुल अनुबंधों में 97 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी ऑप्शंस ट्रेडिंग की है, जो 5 साल पहले 83 फीसदी पर थी। ज्यादातर कारोबार निफ्टी और बैंक निफ्टी सूचकांक के ऑप्शन पर केंद्रित रहा।
नए निवेशकों की बाजार में एंट्री, वायदा सेगमेंट में मार्जिन बढ़ने और वीकली एक्सपायरी साइकल के कारण ऑप्शन ट्रेडिंग इस साल रेकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचा है। एक्सपर्ट राहुल रेगे ने बताया कि खुदरा-छोटे निवेशक कम समय में अधिक मुनाफा पाने के लिए ऑप्शन ट्रेडिंग पर दांव लगा रहे हैं।
90 फीसदी खुदरा निवेशकों को घाटा
जानकारों का कहना है कि इस तरह की ट्रेडिंग में अधिकांश पैसे अनुमानों पर लगाए जाते हैं और निफ्टी के किसी खास हफ्ते में चढ़ने या उतरने पर दांव लगाया जाता है। इससे 90 फीसदी से अधिक खुदरा और छोटे ट्रेडर अपने पैसे गंवा रहे हैं, जो कि बाजार के भविष्य के लिए ठीक नहीं है। केवल अनुमान के आधार पर बिना सोचे-समझे पैसे लगाने पर घाटा हो रहा है।
इन वजहों से आई तेजी
बाजार विशेषज्ञ चंदन तापड़िया ने कहा कि कारोबार करने के लिए शुरूआती मार्जिन की जरूरत होती है। पोजिशन अनुकूल नहीं रही तो मार्क टू मार्केट मार्जिन देना होता है। खरीदार को केवल प्रीमियम चुकाना होता है और विक्रेता निवेश पोर्टफोलियो को मार्जिन की जरूरत के लिए जमानत के तौर पर रखते हैं।
यह है सही विकल्प
छोटे ट्रेडरों के लिए ऑप्शन खंड किसी खेल की तरह हो गया है, जो इसमें 15,000 से 20,000 रुपए की छोटी राशि का दांव लगाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पैसे को म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए या बेहतर शेयरों में लगाया जाना चाहिए। इससे निवेशक आसानी से अच्छा मुनाफा कमा सकेंगे।
Published on:
13 Aug 2021 09:28 am
