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Stock Market Crash: शेयर बाजार में निवेशकों के 8.64 लाख करोड़ रुपये डूबे, बीते 10 महीने की सबसे बड़ी गिरावट

शेयर बाजार ने निवेशकों को सप्ताह के पहले दिन बड़ा झटका दिया। लाल निशान पर हुई कारोबार की शुरुआत अंत तक जारी रही। दिनभर के कारोबार के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1747 अंक टूटकर 56,406 के निचले स्तर पर बंद हुआ। बीते 10 महीने में इसे सबसे बड़ी गिरावट बताया जा रहा है।

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Dheeraj Sharma

Feb 14, 2022

Stock Market Crash investors suffered loss of 8.64 lakh

Stock Market Crash investors suffered loss of 8.64 lakh

शेयर बाजार ने निवेशकों के लिए सोमवार का दिन काफी डरावना साबित हुआ। सप्ताह के पहले दिन लाल निशान पर हुई कारोबार की शुरुआत अंत तक जारी रही। दिनभर के कारोबार के बाद बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1747 अंक टूटकर 56,406 के निचले स्तर पर बंद हुआ। बीते 10 महीने में इसे सबसे बड़ी गिरावट बताया जा रहा है। इस गिरावट के चलते शेयर बाजार के निवेशकों को 8.34 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन वैश्विक कारणों से भारतीय शेयर अमरीका में भारी गिरावट देखी गई। निवेशकों की भारी बिकवाली के चलते शेयर बाजार औंधे मुंह गिर गया। दरअसल रूस और यूक्रेन के बीच टेंशन (Ukraine-Russia tensions) चरम पर है। इस टेंशन के चलते कच्चा तेल 7 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया और कारोबार के दौरान इसने 96 डॉलर के स्तर को छुआ।


गिरावट के बाद BSE लिस्टेड कंपनियों का टोटल मार्केट कैप घटकर 255.36 लाख करोड़ रुपए पर पहुंच गया। 30 दिग्गज स्टॉक्स वाले बीएसई का इंडेक्स सेंसेक्स 1,747 अंक गिरकर 56,405 पर पहुंच गया। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैपिटलाईजेशन 8.54 लाख करोड़ रुपये घटा है।

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जब कारोबार समाप्त हुआ तो बीएसई 1,747.08 अंक (3 प्रतिशत) गिरकर 56,405.08 अंक पर रहा। वहीं एनएसई निफ्टी 531.95 अंक (3.06 फीसदी) गिरकर 16,842.80 अंक पर बंद हुआ। यह दोनों मेजर इंडेक्स के लिए करीब एक साल की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट है।

बीते हफ्ते शुक्रवार को भी शेयर बाजार में भारी गिरावट देखी गई थी। दो दिनों के गिरावट में शेयर बाजार के निवेशकों को 12.45 लाख करोड़ का नुकसान हुआ है।


रुस और यूक्रेन के बीच बढ़ते तनाव से बाजार में तनाव बढ़ता जा रहा है। इस बीच कॉमौडिटी के दामों में भी उछाल देखा जा रहा है। कच्चा तेल 96 डॉलर प्रति बैरल के पार जा पहुंच गया है जो भारत के लिए चिंता विषय है। दरअसल इससे महंगाई बढ़ने का खतरा है।

उधर अमरीका के सेंट्रल बैंक की ओर से ब्याज दरें बढ़ाने का डर भी बाजार में है। यही वजह है कि बिकवाली नजर आ रही है।

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