
भारतीय बाजार में भारी गिरावट। फोटो: एआइ
वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर भारतीय शेयर बाजार पर साफ दिखाई दिया। अमेरिका और मध्य पूर्व के बीच बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने बयान दिया है कि ईरान में युद्ध अगले दो तीन हफ्तों में और तेज हो सकता है। इसके बाद से ही वैश्विक बाजारों के साथ-साथ गुरुवार को भारतीय बाजार भी तेज गिरावट के साथ खुले। सेंसेक्स और निफ्टी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। बाजार खुलते ही सभी सेक्टर लाल निशान में चले गए, जिससे व्यापक बिकवाली का माहौल बन गया।
गुरुवार को बाजार खुलते ही बीएसई सेंसेक्स 872 अंकों की गिरावट के साथ 72,262 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं एनएसई निफ्टी 50 भी 296 अंक गिरकर 22,383 पर खुली। शुरुआती कारोबार में गिरावट और बढ़ गई, जिसके बाद बीएस ई सेंसेक्स में 1400 अंकों की गिरावट दर्ज की गई।
सभी सेक्टरों के इंडेक्स में गिरावट दर्ज की गई, जिनमें निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी मेटल्स, निफ्टी प्राइवेट बैंक और अन्य सूचकांक 2 फीसदी से अधिक गिर गए। निवेशकों में डर का माहौल बना रहा और लगभग सभी सेक्टरों में बिकवाली हावी रही।
इसके अलावा अमेरिकी बाजारों में गिरावट के संकेत पहले ही मिल चुके थे। डाउ जोन्स, एसएंडपी 500 और नैस्डैक फ्यूचर्स में 1 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। एशियाई बाजार भी दबाव में रहे, जहां जापान का निक्केई, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स गिरावट के साथ कारोबार करते नजर आए। निवेशक मध्य पूर्व में बढ़ते युद्ध तनाव को लेकर सतर्क हैं, जिससे वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की क्षमता कम हुई है।
इसके अलावा बाजार में हर तरफ बिकवाली के माहौल में भारतीय रुपये में तेजी देखी गई। गुरुवार, 2 अप्रैल को रुपया शुरुआती कारोबार में अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.6 फीसदी तक मजबूती पाकर 93.19 प्रति डॉलर पर पहुंच गया। यह मजबूती मुख्य रूप से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा लगातार लिए जा रहे फैसलों के बाद आ रही है। दरअसल रिजर्व बैंक नें 27 मार्च को बैंकों की ऑनशोर फॉरवर्ड डिलीवरी मार्केट में नेट ओपन पोजिशन को सीमित करने के कदम उठाए थे।
Updated on:
02 Apr 2026 11:06 am
Published on:
02 Apr 2026 09:58 am
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