
टेलीकॉम कंपनियां बढ़ा सकती हैं मोबाइल रिचार्ज के दाम। (PC: AI)
भारत में मोबाइल टेलीकॉम सेक्टर बीते कुछ वर्षों से स्थिर टैरिफ के दौर से गुजर रहा है, जहां ग्राहकों को कम कीमत पर अधिक डेटा और कॉलिंग सुविधाएं मिलती रही हैं। 5G नेटवर्क के विस्तार और बढ़ती डेटा खपत के बीच कंपनियों की लागत में भी लगातार बदलाव देखने को मिला है। अब मोबाइल सेवाओं की कीमतों में इजाफे को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है, जिसमें जून 2026 से मोबाइल रिचार्ज प्लान महंगे होने और टैरिफ में औसतन 15 प्रतिशत या उससे अधिक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
एनडीटीवी प्रोफिट की एक रिपोर्ट के अनुसार मोबाइल टैरिफ में संभावित बढ़ोतरी को रेवेन्यू के सुधार से जोड़कर देखा जा रहा है। लगभग दो साल के बाद टेलीकॉम कंपनियां एक बार फिर टैरिफ बढ़ाने की तैयारी में हैं। अनुमान है कि जून 2026 में मोबाइल रिचार्ज प्लान की कीमतें 10 से 20 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं, जिससे इंडस्ट्री की आय में तेज उछाल आ सकता है। इस आकलन से जुड़े डेटा और अनुमानों को एक अंतरराष्ट्रीय ब्रोकरेज रिपोर्ट जेफेरीज Jefferies के जरिए सामने लाया गया है, जिसमें सेक्टर के फाइनेंशियल आउटलुक का विस्तृत विश्लेषण किया गया है।
टैरिफ बढ़ोतरी का सीधा असर मोबाइल एआरपीयू यानी एवरेज रेवेन्यू पर यूजर पर पड़ने की संभावना है। बढ़ती डेटा खपत, पोस्टपेड यूजर्स की हिस्सेदारी और प्रीमियम प्लान की मांग पहले ही एआरपीयू को सपोर्ट कर रही है। ऐसे में टैरिफ हाइक से वित्त वर्ष 2027 में सेक्टर का रेवेन्यू ग्रोथ रेट दोगुने से अधिक हो सकता है। हालांकि, ऊंची कीमतों के कारण नए सब्सक्राइबर जुड़ने की रफ्तार कुछ हद तक सीमित रहने का अनुमान भी लगाया जा रहा है। हालांकि, मौजूदा ग्राहकों से मिलने वाली आय में सुधार प्रमुख आधार रहेगा।
निवेश में तीव्रता आने से और बेहतर कैश फ्लो मिलने से कंपनियों के मार्जिन मजबूत हो सकते हैं। सेक्टर के आकलन में यह भी माना गया है कि अगले कुछ वर्षों में नेटवर्क निवेश का स्तर संतुलित रहेगा। इससे टैरिफ बढ़ोतरी का फायदा सीधे कंपनी के रेवेन्यू में दिख सकता है। इसी वजह से मोबाइल रिचार्ज की कीमतों में तेज बढ़ोतरी को अब इंडस्ट्री के लिए जरूरी कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
Updated on:
09 Jan 2026 05:25 pm
Published on:
09 Jan 2026 05:25 pm
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