कारोबार : समुद्र के सहारे टिकी है दुनिया की अर्थव्यवस्था

एक अनुमान के अनुसार, करीब 70 से 80 फीसदी अंतरराष्ट्रीय व्यापार समुद्र के जरिए हो रहा है।
स्वेज नहर रूट टोक्यो (जापान) से रोटरडम (नीदरलैंड) के बीच केप ऑफ गुड होप रूट की तुलना में 23 प्रतिशत छोटा है ।
स्वेज नहर रूट सिंगापुर से न्यूयॉर्क (अमरीका) के बीच पनामा नहर रूट की तुलना में 19 प्रतिशत छोटा है ।

By: विकास गुप्ता

Published: 01 Apr 2021, 02:22 PM IST

नई दिल्ली। स्वेज नहर में फंसे मालवाहक जहाज एवर गिवन से पैदा हुआ संकट भले ही खत्म हो गया हो, लेकिन करीब एक सप्ताह चले इस प्रकरण से विश्व व्यापार में समुद्री मार्ग की अहमियत एक बार फिर सामने आई। विश्व अर्थव्यवस्था अब भी समुद्र के रास्ते ही आगे बढ़ रही है। एक अनुमान के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय व्यापार का करीब 70 से 80 फीसदी समुद्र के जरिए ही होता है। ऐसे में मात्र एक सप्ताह के स्वेज नहर संकट के कारण माल की आपूर्ति में देरी से विश्व व्यापार को हर दिन करीब 9.6 बिलियन डॉलर का नुकसान हुआ।

स्वेज नहर से होते हुए हर घंटे 400 मिलियन डॉलर का माल गुजरता है ।
इजिप्ट को स्वेज नहर संकट के कारण 67,200 करोड़ का प्रतिदिन नुकसान हुआ ।
स्वेज नहर से 52 जहाज रोज गुजरते हैं ।

चीन की साउथ चाइना सी पर पैनी नजर-
स मुद्री व्यापार पर वर्चस्व बनाने के लिए चीन लगातार साउथ चाइना सी पर कब्जा करने की कोशिश में है। दरअसल, दक्षिण चीन सागर कई देशों से जुड़ा होने के कारण काफी महत्वपूर्ण है। इसे दुनिया के कुछ सबसे ज्यादा व्यस्त जलमार्गों में से एक माना जाता है। एक मोटे अनुमान के अनुसार, इसी मार्ग से हर साल 5 ट्रिलियन डॉलर मूल्य का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है। ये मूल्य दुनिया के कुल समुद्री व्यापार का 20 प्रतिशत है। इस सागर के जरिए चीन अलग-अलग देशों तक व्यापार में सबसे आगे जाना चाहता है। गौरतलब है कि दुनिया के 10 सबसे बड़े बंदरगाहों में से 7 अकेले चीन के हैं। इसमें चीन का दबदबा है।

विकास गुप्ता
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