
India Internet Index निफ्टी का एक इंडेक्स है। (PC: Freepik)
Internet Index Return: भारत की डिजिटल इकोनॉमी तेजी से बढ़ रही है। इसलिए डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए बिजनेस करने वाली कंपनियों की परफॉर्मेंस को ट्रेक करने के लिए निफ्टी इंडिया इंटरनेट इंडेक्स को बनाया गया था। इस इंडेक्स ने पिछले 3 महीने में करीब 13 फीसदी का रिटर्न दिया है। यह इंडेक्स निवेशकों को ई-कॉमर्स, फिनटेक, ऑनलाइन ट्रैवल, डिजिटल मीडिया और दूसरी प्रमुख इंटरनेट कंपनियों में निवेश करने का मौका देती है।
निफ्टी इंडिया इंटरनेट इंडेक्स को 1 अक्टूबर 2021 को लॉन्च किया गया था और इसकी बेस वैल्यू 1,000 रखी गई थी। इस इंडेक्स में फिलहाल 27 कंपनियां शामिल हैं, जो ई-कॉमर्स, फिनटेक, ऑनलाइन ट्रैवल, डिजिटल मीडिया और ई-लर्निंग जैसे अलग-अलग सेगमेंट से आती हैं।
इसकी खास बात यह है कि साल में दो बार इस इंडेक्स का रिव्यू और पुनर्गठन किया जाता है और हर तिमाही में इसे रिबैलेंस किया जाता है। इसके अलावा किसी भी स्टॉक को 20 फीसदी से ज्यादा वेटेज नहीं दिया जाता, जिससे इंडेक्स में डाइवर्सिफिकेशन बनाए रखने में मदद मिलती है।
इस इंडेक्स का रिटर्न काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। यदि आपने इसमें 1 लाख रुपये लगाए होते तो पिछले एक हफ्ते में वे 1,05,060 रुपये हो जाते वहीं, एक महीने में यह 1,03,240 रुपये और 3 महीने में 12.90 फीसदी के रिटर्न से 1,12,900 रुपये हो जाते।
| अवधि | रिटर्न |
|---|---|
| 1 सप्ताह (1W) | 5.06% |
| 1 महीना (1M) | 3.24% |
| 3 महीने (3M) | 12.90% |
| 6 महीने (6M) | -11.43% |
| साल की शुरुआत से अब तक (YTD) | -10.58% |
साल के शुरुआती महीनों में इस इंडेक्स ने निगेटिव रिटर्न दिया। इसी वजह से 1 लाख रुपये का निवेश पिछले 6 महीनों में घटकर 88,570 और 2026 की शुरुआत से अब तक के समय में 89,420 रुपये रह गया।
निफ्टी इंडिया इंटरनेट इंडेक्स में अभी 27 स्टॉक शामिल हैं, इसमें सबसे बड़ा हिस्सा इटरनल (Eternal) का है यह 19.30 फीसदी है। इसके बाद PB फिनटेक का 13.86 फीसदी, वन कम्युनिकेशंस का 11.24 फीसदी, इन्फो एज इंडिया का 9.09 फीसदी और स्विगी का हिस्सा 8.46 फीसदी है। इसके अलावा एंजेल वन, इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC), मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज और बिलियनब्रेन्स गैराज वेंचर्स जैसी कंपनिया इस इंडेक्स में शामिल हैं।
निफ्टी इंडिया इंटरनेट इंडेक्स एक साथ कई तरह के बिजनेस एक्सपोजर देता है। इसमें डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाली कंपनियां शामिल है। लेकिन निवेश से पहले कुछ बातें ध्यान में रखना जरूरी है। इंडेक्स की टॉप 6 कंपनियों में 70 फीसदी पैसा लगता है, जो कंसंट्रेशन रिस्क बढ़ाता है। सेक्टर डायवर्सिफिकेशन भी सीमित है, क्योंकि लगभग पूरा पोर्टफोलियो सिर्फ कंज्यूमर और फाइनेंशियल सर्विसेस में है।
Published on:
23 Jun 2026 04:35 pm
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