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Trump Tariff पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से झूमेगा शेयर बाजार, सोने-चांदी की कीमतों पर पड़ेगा भारी असर, एक्सपर्ट से समझिए

Impact of Tariff Decision on Gold: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द करने का असर शेयर मार्केट पर देखने को मिल सकता है। सोने-चांदी की कीमतों पर भी इस फैसले का असर पड़ेगा।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Feb 21, 2026

Impact of tariff decision on gold

सोमवार को शेयर बाजार बढ़त के साथ खुल सकता है। (PC: AI)

Trump Tariff: टैरिफ मामले में नए उलटफेर देखने को मिले हैं। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा अपने ट्रेडिंग पार्टनर्स पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को रद्द कर दिया है। इस फैसले के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर 10% का ग्लोबल टैरिफ लागू करने की मंजूरी दे दी। इन घटनाओं का असर सोमवार को दलाल स्ट्रीट समेत दुनियाभर के शेयर बाजारों पर देखने को मिल सकता है। अमेरिका में टैरिफ को लेकर अनिश्चितता और ट्रेड पार्टनर्स से वसूले गए करीब 175 अरब डॉलर के टैरिफ की संभावित वापसी के कारण सोने और चांदी की कीमतों में भी उतार-चढ़ाव की उम्मीद है।

भारतीय शेयर बाजार पर क्या होगा असर?

शेयर मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला अमेरिकी बाजार में बड़े एक्सपोजर वाले भारतीय निर्यातकों के लिए राहत लेकर आ सकता है। इस फैसले से सकारात्मक माहौल बना है और सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी के साथ शुरुआत होने की उम्मीद है। एक्सपर्ट्स ने बताया कि गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) निफ्टी 50 के मुकाबले लगभग 200 अंक ऊपर बंद हुआ, जो दलाल स्ट्रीट में सकारात्मक संकेत दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि बाजार खुलने पर सोने और चांदी की कीमतों में भी सकारात्मक शुरुआत हो सकती है, क्योंकि अनिश्चितता अधिक बनी हुई है।

भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी राहत

SMC ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी जीत है। पहले इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ से भारतीय निर्यात प्रभावित हुआ था। श्रीवास्तव ने कहा, "इस फैसले से भारत-अमेरिका ट्रेड फ्रेमवर्क के तहत लागू 18% पारस्परिक टैरिफ प्रभावी रूप से खत्म हो गया है। इसका मतलब है कि अब भारत के 55% निर्यात पर केवल 10% टैरिफ लगेगा।"

हालांकि, एसएस वेल्थस्ट्रीट की फाउंडर सुगंधा सचदेवा ने कहा कि यह फैसला सेक्टर-स्पेसिफिक टैरिफ को प्रभावित नहीं करता। स्टील, एल्युमिनियम, ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर और अन्य रणनीतिक उत्पादों पर टैरिफ अभी भी लागू रहेंगे।

गिफ्ट निफ्टी से मिले संकेत

सेबी-रजिस्टर्ड इक्विटी एनालिस्ट अविनाश गोरक्षकर ने कहा कि जब यह घटनाएं हुईं, तब भारतीय बाजार बंद था, लेकिन गिफ्ट निफ्टी खुला हुआ था। उन्होंने कहा, 'निफ्टी-50 शुक्रवार को 25,571 पर बंद हुआ। गिफ्ट निफ्टी 25,764 पर बंद हुआ, यानी लगभग 200 अंक की बढ़त।' उन्होंने अनुमान जताया कि सोमवार को बीएसई सेंसेक्स 500 अंक से अधिक की तेजी के साथ खुल सकता है।

सोने और चांदी की कीमतों पर असर

सुगंधा सचदेवा के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला वैश्विक व्यापार नीति में नई अनिश्चितता पैदा करता है। उन्होंने कहा, 'ट्रम्प ने इस फैसले की आलोचना की है। साथ ही 10% नया वैश्विक टैरिफ लागू करने की घोषणा की है। इससे वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों और भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक सुरक्षित निवेश के रूप में सोना और चांदी खरीद रहे हैं।

सुगंधा सचदेवा के अनुसार, सोने के लिए सपोर्ट लेवल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर $4,880 प्रति औंस और घरेलू बाजार के लिए 1,49,800 प्रति 10 ग्राम है। रेजिस्टेंस लेवल वैश्विक बाजार में $5,100 से $5,120 प्रति औंस है। वहीं, घरेलू बाजार में 1,61,000 रुपये प्रति 10 ग्राम है। यदि कीमतें इन स्तरों से ऊपर जाती हैं, तो सोना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर $5,350 प्रति औंस तक और भारत में 1,75,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकता है।

उन्होंने चांदी के लिए सपोर्ट लेवल 2,25,000 रुपये प्रति किलोग्राम बताया। वहीं, रेजिस्टेंस लेवल 2,75,000 रुपये से 2,78,000 रुपये प्रति किलोग्राम बताया। यदि चांदी इन स्तरों से ऊपर जाती है, तो इसकी कीमत 3,50,000 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच सकती है।