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Women Entrepreneurs: इन महिलाओं ने गांव की मिट्टी से भी निकाल लिया ‘सोना’, कम पैसों से भी खड़े कर लिए बड़े बिनजेस, जमकर हो रही कमाई

Women Entrepreneurs: भारत के ग्रामीण इलाकों में महिलाएं बिना बड़ी पूंजी के सफल बिजनेस खड़े कर रही हैं। वर्मी-कम्पोस्ट, ऑर्गेनिक खेती, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी जैसे क्षेत्रों में उन्होंने करोड़ों का कारोबार बनाया है।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Apr 28, 2026

Women Entrepreneurs

कम पैसों में भी बड़ा बिजनेस खड़ा किया जा सकता है। (PC: AI)

Success Story: गांव की मिट्टी से भी सोना निकल सकता है। बस सपने देखने की हिम्मत चाहिए। देश के दूर-दराज के इलाकों में महिलाएं बिना बड़ी पूंजी के अपना बिजनेस खड़ा करके ऐसा ही कर रही हैं। कामयाबी सिर्फ शहरों की मोहताज नहीं होती, जज़्बा हो तो खेत-खलिहान भी बिजनेस हब बन जाते हैं। भारत के छोटे कस्बों और गांवों में महिलाएं अब सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं। वे अपने दम पर ऐसे कारोबार खड़े कर रही हैं, जो न सिर्फ उनकी जिंदगी बदल रहे हैं, बल्कि पूरे इलाके के लिए मिसाल बन रहे हैं। बिना बड़े निवेश, बिना किसी कॉरपोरेट सपोर्ट के ये महिलाएं अपने अनुभव और मेहनत के दम पर आगे बढ़ रही हैं। आइए ऐसी ही 5 सक्सेस स्टोरीज के बारे में जानते हैं।

कचरे से कमाई: असम की कनिका की कहानी

असम की कनिका तालुकदार ने जिंदगी का सबसे मुश्किल दौर देखा, जब 27 साल की उम्र में पति का निधन हो गया। घर चलाने का कोई सहारा नहीं था। ऐसे में उन्होंने 2014 में सिर्फ 500 रुपये से वर्मी-कम्पोस्ट का काम शुरू किया। धीरे-धीरे यही छोटा काम बड़ा बन गया। आज वे हर महीने करीब 90 टन जैविक खाद तैयार करती हैं और लाखों रुपये कमा रही हैं। खास बात ये है कि वे दूसरों को भी मुफ्त में ट्रेनिंग देती हैं।

पढ़ाई छूटी, पर हिम्मत नहीं: राजस्थान की रुबी

राजस्थान की रुबी पारीक की पढ़ाई 10वीं के बाद रुक गई और कम उम्र में शादी हो गई। लेकिन उन्होंने हालात से समझौता नहीं किया। उन्होंने परिवार की जमीन पर ऑर्गेनिक खेती शुरू की। आज उनकी कमाई सिर्फ फसल से नहीं, बल्कि वर्मी-कम्पोस्ट और एजोला जैसे उत्पादों से भी होती है। उन्होंने 15 हजार से ज्यादा लोगों को ट्रेनिंग देकर गांव को सीखने का केंद्र बना दिया है।

किचन से ब्रांड तक: केरल की फ्रैंसी

केरल की फ्रैंसी जोशीमन ने अपने घर की रसोई से एक बड़ा बिजनेस खड़ा किया। पिता की बीमारी ने उन्हें केमिकल फ्री खाने की अहमियत समझाई। उन्होंने ऑर्गेनिक फूड प्रोडक्ट्स बनाना शुरू किया, जो आज 20 से ज्यादा प्रोडक्ट्स के साथ विदेशों तक पहुंच चुके हैं। उनके इस काम से गांव की कई महिलाओं को रोजगार भी मिला है।

ऊंटनी के दूध से पहचान: आकृति का अनोखा स्टार्टअप

आकृति श्रीवास्तव ने वो किया जो कम ही लोग सोचते हैं। उन्होंने राजस्थान के थार इलाके में ऊंटनी के दूध को एक ब्रांड बना दिया। आज उनका कारोबार हजारों पशुपालकों को जोड़ता है और देशभर में प्रोडक्ट्स पहुंचाता है। उन्होंने 5000 से ज्यादा किसानों को ट्रेनिंग दी है और एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार की है।

छोटा काम, बड़ा मुकाम: श्रद्धा की डेयरी

श्रद्धा धवन ने बचपन से ही डेयरी का काम देखा। उसी अनुभव को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने छोटे स्तर से शुरुआत की और आज 1 करोड़ रुपये का बिजनेस खड़ा कर लिया। वे रोजाना करीब 350 लीटर दूध बेचती हैं और साथ ही वर्मी-कम्पोस्ट से भी कमाई करती हैं। वे अन्य किसानों को भी ट्रेनिंग देकर रोजगार के मौके बढ़ा रही हैं।