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दिल्ली का पालिका बाजार जाली सामान बेचने में दुनिया में सबसे कुख्यात, जालसाजी और कॉपीराइट चोरी में न. वन ये शॉपिंग वेबसाइट और तीन अन्य बाजार भी

दुनिया के कुख्यात बाजारों की नवीनतम वार्षिक सूची जारी की गई है। खास बात यह है कि इस सूची में चार भारतीय बाजार भी शामिल हैं। ये भारतीय बाजार इतने मशहूर हैं, कि बड़ी तादाद में लोग यहां शॉपिंग करते हैं। कुख्यात बाजारों की इस सूची में शामिल करने के पीछे इन बाजारों से उपभोक्ताओं और उद्योगों को कुछ खास कारणों की वजह से बड़ा खतरा बताया गया है।

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Dheeraj Sharma

Feb 18, 2022

World notorious markets IndiaMart Palika Bazar Delhi other 3 Indian markets

World notorious markets IndiaMart Palika Bazar Delhi other 3 Indian markets

दुनिया के कुख्यात बाजारों की नई वार्षिक सूची जारी की गई है। इस सूची में भारत की लोकप्रिय ई-कॉमर्स वेबसाइट IndiaMart.com समेत चार भारतीय बाजार भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इन बाजारों से देशभर के बड़ी संख्या में लोग शॉपिंग करते हैं। इन बाजारों से उपभोक्ताओं और उद्योग जगत को खतरा होने की वजह से इन्हें कुख्यात माक्रेट की लिस्ट में शामिल किया गया है। गुरुवार को अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि की ओर से दुनिया के कुख्यात बाजारों की नवीनतम वार्षिक सूची जारी की गई।


2021 की कुख्यात बाजारों की सूची ने दुनिया भर के 42 ऑनलाइन और 35 भौतिक बाजारों की पहचान की है। इनके बारे में बताया गया है कि वे पर्याप्त ट्रेडमार्क जालसाजी या कॉपीराइट चोरी में शामिल हैं या फिर इस तरह की सुविधा प्रदान करते हैं।

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दुनिया के कुख्यात बाजारों की सूची में जिन चार भारतीय मार्केट को शामिल किया गया है उनमें ई-कॉमर्स वेबसाइट इंडिया मार्ट के अलावा दिल्ली का पालिका बाजार, मुंबई में हीरा पन्ना मार्केट, कोलकाता में किदरपुर और दिल्ली का ही टैंक रोड भी शामिल है।


अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि कैथरीन ताई के मुताबिक इन बाजारों में नकली और पायरेटेड सामान बेचे जाते हैं। इन सामानों का वैश्विक व्यापार महत्वपूर्ण अमरीकी इनोवेशन और क्रिएटिविटी को कमजोर करता है। इसके साथ ही अमरीकी श्रमिकों को नुकसान पहुंचाता है।

कैथरीन के मुताबिक यह अवैध व्यापार नकली सामानों के निर्माण से श्रमिकों का शोषण बढ़ता है और नकली सामान दुनिया भर के उपभोक्ताओं और श्रमिकों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा करता है।


USTR की रिपोर्ट के मुताबिक IndiaMart एक ई-कॉमर्स वेबसाइट और मोबाइल ऐप है, जो खरीदारों को आपूर्तिकर्ताओं से जोड़ता है और खुद को दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा ऑनलाइन बिजनेस-टू-बिजनेस बाजार बताता है।

लेकिन यहां पर नकली फार्मास्यूटिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और परिधान समेत अन्य नकली सामान कथित तौर पर बड़ी मात्रा में पाया जाता है।

IndiaMART की विक्रेता सत्यापन, नकली सामानों के ज्ञात विक्रेताओं के खिलाफ दंड, या उल्लंघन करने वाले सामानों की सक्रिय निगरानी सहित, जालसाजी-विरोधी सर्वोत्तम रास्तों को लागू करने की विफलता से चिंतित हैं।


मुंबई के केंद्र में स्थित हीरा पन्ना बाजार में नकली घड़ियां, जूते, सामान और सौंदर्य प्रसाधन के उत्पाद मिलते हैं। अधिकार धारकों ने चेतावनी दी है कि इस बाजार में बेचे जाने वाले नकली सौंदर्य प्रसाधनों में स्वास्थ्य और सुरक्षा का जोखिम है। सितंबर 2021 में हीरा पन्ना पर छापेमारी में प्रीमियम घड़ियों के नकली वर्जन बेचने के आरोप में गिरफ्तारियां भी हुईं थीं।


कोलकाता के फैंसी मार्केट के रूप में पहचाना जाने वाला किद्दरपुर कथित तौर पर नकली परिधान और सौंदर्य प्रसाधन थोक मात्रा में बेचता है। रिपोर्ट में इससे भी खतरा बताया गया है। कहा गया है कि नकली उत्पादों की खराब गुणवत्ता से त्वचा की गंभीर समस्याएं, चकत्ते, जलन और आंखों की बीमारियां बताई गई हैं।


इसी तरह दिल्ली का भूमिगत ( अंडरग्राउंड ) पालिका बाजार बाजार नकली उत्पादों, जैसे मोबाइल एक्सेसरीज, कॉस्मेटिक्स, घड़ियां और आईवियर के व्यापार के लिए जाना जाता है। बड़ी तादाद में युवा ये से उत्पाद खरीदते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक पर्यटकों के लिए भी ये एक लोकप्रिय जगह है। लेकिन नकली उत्पाद लोगों के लिए बड़ा खतरा है।

राइट होल्डर्स की रिपोर्ट है कि दिल्ली के थोक टैंक रोड बाजार में नकली उत्पादों की बिक्री जारी है, जिसमें परिधान, जूते, घड़ियां, हैंडबैग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सौंदर्य उत्पाद शामिल हैं। इस बाजार से थोक नकली सामान की आपूर्ति गफ्फार मार्केट और अजमल खान रोड सहित अन्य भारतीय बाजारों में भी की जाती है।


यूएसटीआर अमरीकी सरकार की एक एजेंसी है जो अमरीकी व्यापार नीति को विकसित करने और बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार है। यूएसटीआर ने पहली बार 2006 में विशेष 301 रिपोर्ट में कुख्यात बाजारों की पहचान की थी।

फरवरी 2011 से लगातार हर वर्ष कुख्यात बाजार सूची को विशेष 301 रिपोर्ट से अलग प्रकाशित कर रहा है, ताकि सार्वजनिक जागरूकता बढ़ाने और बाजार संचालकों और सरकारों को बौद्धिक संपदा प्रवर्तन प्रयासों को प्राथमिकता देने में मदद मिल सके।

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