25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सर्दी में गाड़ी की बैटरी करने लगी है परेशान! तो इन बातों का रखें खास ध्यान! वरना इंजन में भी हो सकती है दिक्कत

अक्सर कार की बैटरी में प्रॉब्लम देखने को मिलती है। कई बार लम्बे समय से गाड़ी खड़ी रहने से भी ऐसा होता है। मौसम बदल रहा है और सर्दी शुरू हो रही है और ऐसे में बैटरी में ज्यादा दिक्कतें देखने को मिलती हैं। ऐसे में हम आपको बैटरी रखरखाव को लेकर कुछ टिप्स बता रहे हैं।

3 min read
Google source verification
5_2.jpg

Battery Care Tips in winter: सर्दी में सबसे ज्यादा कार की बैटरी प्रोब्लम देती है। अक्सर देखने में आता है कि एक बार बैटरी इंस्टाल करने बाद लोग उसकी देखरेख करना भूल जाते हैं। वैसे आजकल मैनेटेंस फ्री बैटरी आने लगी हैं लेकीन कई बार इनकी भी देखरेख करना जरूरी हो जाता है। अक्सर कार की बैटरी में डिस्चार्ज प्रॉब्लम देखने को मिलती है। कई बार लम्बे समय से गाड़ी खड़ी रहने से भी ऐसा होता है। मौसम बदल रहा है और सर्दी शुरू हो रही है और ऐसे में बैटरी में ज्यादा दिक्कतें देखने को मिलती हैं। ऐसे में हम आपको बैटरी रखरखाव को लेकर कुछ टिप्स बता रहे हैं। आइये जानते हैं...

बैटरी टर्मिनल पर ग्रीस न लगाएं

बैटरी टर्मिनल पर ग्रीस लगाने का चलना काफी पुराना जरूर है लेकिन बैटरी एक्सपर्ट इसे गलत मानते हैं। अक्सर आपने देखा होगा लोकल जगह से गाड़ी की सर्विस कराते समय मैकेनिक बैटरी के टर्मिनल पर ग्रीस लगा देते हैं जोकि काफी गलत है, इससे बैटरी खराब हो सकती है। इसलिए ग्रीस की जगह पैट्रोलियम जैली या फिर वैसलीन का इस्तेमाल कर सकते हैं। बैटरी टर्मिनल को हमेशा साफ रखें। अक्सर बैटरी टर्मिनल के पास एसिड जमा हो जाता है जिसे साफ करना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह आपकी बैटरी का दुश्मन भी है।

बैटरी पर इस कारण भी पड़ता है असर

अगर चलते-चलते आपकी गाड़ी हीट हो जाए तो इसका असर कार की बैटरी पर भी पड़ता है। ऐसे में कार की बैटरी का पानी जल्दी सूख जाता है। इससे बैटरी जल्दी ऑक्सीडाइज्ड हो जाती है। इसलिए इंजन की देखभाल बेहद जरूरी है। अगर इंजन सही रहेगा तो बैटरी और अन्य पार्ट्स भी अपना काम ठीक से करेंगे।

यह भी पढ़ें: नया स्कूटर खरीदने से पहले देखें भारत के 5 सबसे ज्यादा बिकने वाले मॉडल, पहले नंबर पर इस स्कूटर ने मारी बाजी


बैटरी की खराब सेहत ऐसे पहचानें

रात में ड्राइव करते समय अगर हेडलाइट कम या ज्यादा हो रही हो, फिर हॉर्न की आवाज में कमजोरी नजर आये तो समझ जाना चाइये कि बैटरी में गड़बड़ है। बैटरी के टर्मिनल के आस-पास सफेद निशान देखने को मिले तो समझ जाना चाइये कि बैटरी में गड़बड़ है। अगर स्पीडो मीटर में बैटरी की लाइट ठीक से नहीं दिख रही तो भी यह इस बात का संकेत है कि बैटरी की सेहत खराब है।

ऐसे बढ़ेगी बैट्ररी की लाइफ

अगर आप रोज गाड़ी नहीं चलाते तो इसका बुरा असर गाड़ी की बैटरी पर भी पड़ता है । इसलिए जहां तक संभव हो एक दिन छोड़कर एक दिन आप अपनी कार को कुछ देर के लिए स्टार्ट कर दें। या फिर एक छोटा सा चक्कर लगा लें इससे बैटरी चार्ज हो जाएगी। इस बात पर जरूर ध्यान देना चाइये कि बैटरी अपनी जगह पर बिलकुल फिट है या नहीं, क्योकिं कई बार ढीली फिटिंग की वजह से चलती गाड़ी में बैटरी को नुकसान होता है।


24 महीने में बदल लेनी चाइये बैटरी

आजकल जितनी भी बैटरी आ रही हैं उन पर 48 महीने की वारंटी मिलती है लेकिन सही मायनों में बैटरी एक साल के बाद ही खराब होने लगती हैं और बहुत अच्छा रखरखाव हो तो दो साल तक चल जाती हैं लेकिन फिर दिक्कतें आनी शुरू हो जाती हैं। अगर आपकी कार की बैटरी भी 2 साल के भीतर दिक्कत करना शुरू कर रही है तो इसे समय रहते बदलवा लें।