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कनेक्टेड कारों पर मंडरा रहा बड़ा ख़तरा, हो सकते हैं जानलेवा परिणाम

Connected Cars हैं बेहद खतरनाक हैकर्स आसानी से हैक कर सकते हैं ये कार जानलेवा साबित हो सकता है हैकर्स का हमला

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Vineet Singh

Aug 03, 2019

Connected Cars

नई दिल्ली: आपने देखा होगा कि हाल के दिनों में कई कारें लॉन्च हुई हैं जो स्मार्ट फीचर्स से लैस कनेक्टेड कारें हैं जिन्हें आप किसी स्मार्टफोन की तरह भी एक्सेस कर सकते हैं। आपको बता दें कि कनेक्टेड फीचर्स से लैस इन कारों को जितनी आसानी से एक्सेस किया जा सकता है उतनी ही आसानी से इन कारों को हैक करके इनका एक्सीडेंट भी करवाया जा सकता है। ये बात हम नहीं कह रहे हैं बल्कि एक कंज्यूमर एडवोकेसी ग्रुप की तरफ से कहा गया है।

आपको बता दें कि नई लॉन्च हो रही कनेक्टेड कारों को आसानी से टारगेट किया जा सकता है और ऐसा करके लोगों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है। दरअसल ये दावा अमेरिका के एक कन्ज्यूमर अडवोकेसी ग्रुप का है। ‘कन्ज्यूमर वॉचडॉग’ नाम के अमेरिकी कन्ज्यूमर अडवोकेसी ग्रुप (उपभोक्ता अधिकार सरंक्षक समूह) ने चेतावनी दी है कि कंपनियां इस समय जो कनेक्टेड कारें बना रही हैं, उन्हें आसानी से हैक किया जा सकता है। इन गाड़ियों पर बड़े पैमाने पर साइबर अटैक ( cyber attacks ) होने की स्थिति में हजारों लोगों की जान जा सकती है।

‘किल स्विच: वाय कनेक्टेड कार्स कैन बी किलिंग मशीन्स ऐंड हाउ टू टर्न देम ऑफ’ शीर्षक से प्रकाशित एक रिपोर्ट में में लॉस एंजिलिस स्थित ‘कन्ज्यूमर वॉचडॉग’ ने कहा कि कार को अब इंटरनेट से जोड़ा जा सकता है ( internet car ) ऐसे में अब कारों को ऊपर ठीक उसी तरह का ख़तरा मंडरा रहा है जिस तरह किसी स्मार्टफोन या फिर लैपटॉप पर मंडराता है। ऐसे में इन कनेक्टेड कारों को हैकर्स आसानी से हैक कर लेंगे और गलत कामों को अंजाम देने लगेंगे। हालांकि ये सिर्फ एक चेतावनी है क्योंकि अभी ऐसा कोई भी मामला सामने नहीं आया है।

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रिपोर्ट में बताया गया है कि इंडस्ट्री टेक्नॉलजी की परेशानी यह है कि इन गाड़ियों की अहम सुरक्षा प्रणाली ( सेफ्टी सिस्टम ) ( Car Safety System ) बिना पर्याप्त सुरक्षा के इंटरनेट से जुड़ी है। साइबर हमले की स्थिति में कार की सुरक्षा प्रणाली को इंटरनेट से अलग नहीं किया जा सकता है। अगर इन कारों पर किसी तरह साइबर हमला होता है तो एक साथ 2 से 3 हजार लोगों की जान जा सकती है। कारों में इस्तेमाल हो रही कनेक्टेड टेक्नोलॉजी कई मायनों में बेहद खतरनाक है।

कार कंपनियां कंज्यूमर की सुरक्षा का ध्यान नहीं दे रही हैं और सिर्फ मुनाफ़ा कमाने के ऊपर फोकस कर रही हैं ऐसे में आगे चलकर इससे काफी भयावह स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसी स्थिति से बचने के लिए ये चेतावनी दी गयी है।

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इस रिपोर्ट में जनरल मोटर्स, टोयोटा और फॉर्ड सहित जिन कंपनियों का उल्लेख किया गया है,वे तत्काल प्रतिक्रिया देने के लिए उपलब्ध नहीं थी। हालांकि, वेहिकल मैन्युफैक्चरर्स के गठबंधन की प्रवक्ता ग्लोरिया बर्गक्विस्ट ने कहा, 'ग्रुप की ओर से ऑटो इंडस्ट्री पर प्रकाशित रिपोर्ट लॉस वेगास में साइबर सिक्यॉरिटी पर होने वाले कार्यक्रम से पहले सनसनी पैदा करने की कोशिश है।'