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जुलाई 2019 से कारों में अनिवार्य रूप से लागू होगा एयरबैग्स, स्पीड अलर्ट सिस्टम और पार्किंग सेंसर्स का प्रयोग

भारतीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में होने वाले रोड ऐक्सिडेंट्स को कम करने के लिए यह कदम उठाया है।

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Kamal Singh Rajpoot

Oct 30, 2017

Airbags

देश में बढ़ते सड़क हादसों को ध्यान में रखते हुए केन्द्र सरकार कारों से संबंधित नया नियम लागू करने जा रही है। सरकार जुलाई 2019 के बाद से बनने वाली सभी कारों में एयरबैग्स, सीट बेल्ट रिमाइंडर्स, 80 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक स्पीड पर अलर्ट करने वाला स्पीड वॉर्निंग सिस्टम, रिवर्स पार्किंग अलर्ट्स, मैनुअल ओवरराइड सिस्टम आदि फीचर्स लगाना अनिवार्य करने जा रही है। इस पर भारतीय सड़क एंव परिवहन मंत्रालय ने अपनी मुहर लगा दी है।

यानि कहने का सीधा सा मतलब यह है कि जुलाई 2019 के बाद जिन कारों पर ये सारे फीचर नहीं लगाए जाएंगे, उन्हें परिवहन मंत्रालय की ओर सड़क पर चलाने की अनुमति नहीं मिलेगी। अभी सुरक्षा संबंधी ये सभी पैमाने लग्जरी कारों में ही इस्तेमाल किए जाते है। बता दें भारतीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने देश में होने वाले रोड ऐक्सिडेंट्स को कम करने के लिए यह कदम उठाया है।

एक सरकारी आंकड़े के मुताबिक 2016 में भारत में मरने वाले प्रति 1.5 लाख लोगों में से तकरीबन 74,000 लोग सड़क हादसे में मारे गए। इन सभी की मौत की बड़ी वजह ओवर स्पीडिंग रही। ट्रासपॉर्ट मिनिस्ट्री से जुड़े एक जानकार का कहना है कि नई कारों एक ऐसा सिस्टम लगाया जाएगा जो कि कार की गति 80 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक होने पर ऑडियो अलर्ट देगा। साथ ही स्पीड के 100km/h से अधिक होने पर इस अलर्ट की आवाज और अधिक तेज हो जाएगी और 120 km/h से अधिक की स्पीड की स्थिति में यह अलर्ट लगातार बजता रहेगा।

इतना ही नहीं पावर फेल्योर की स्थिति में अगर सेंट्रल लॉकिंग सिस्टम ने काम करना बंद कर दिया तो मैनुअल ओरवाराइड सिस्टम से ड्राइवर और पैसेंजर्स आसानी से कार के बाहर निकल सकेंगे। रिवर्स पार्किंग के दौरान होने वाले ऐक्सिडेंट्स को कम करने के लिए कारों में रिवर्स पार्किंग अलर्ट दिया जाएगा। इसके अलावा जब कार रिवर्स गियर में पीछे जा रही होगी तब ड्राइवर को रियर मॉनिटरिंग रेंज के हिसाब से पता चलता रहेगा कि कोई आॅब्जेक्ट है या नहीं।