
Car Engine Seized
कार ड्राइव करते समय अचानक से रूक जाए और आपको पता चले कि कार का इंज़न सीज़ हो गया है, इससे बुरा कुछ और नहीं हो सकता है। कार का इंजन सीज़ हो जाना न केवल आपकी मुश्किलें बढ़ाता है बल्कि आपकी जेब भी ढीली कर देता है। ऐसी स्थिति में कई बार केवल एक ही विकल्प बचता है कि पूरा इंजन ही रिप्लेस किया जाए, लेकिन ये बहुत ही खर्चीला सौदा है।
ऐसा नहीं है कि आपकी कार का इंजन अचानक से चलते हुए सीज़ हो जाता है, बल्कि इस स्थिति में पहुंचने से पहले वो कई संकेत देता है ताकि आप समय रहते उनमें सुधार कर इंजन की लाइफ़ को बेहतर बना सकें। कार इंजन उसके दिल जैसा होता है, जिसका निरंतर सही ढंग से काम करना बेहद ही जरूरी है, यदि इसके परफॉर्मेंस में रुकावट आई तो समझिए कि इंजन फेल होने में देर नहीं लगती। बहरहाल, आज हम आपको अपने इस लेख में उन 4 मुख्य संकेतों के बारे में बताएंगे जो कि इंजन के सीज़ होने से पहले आपकी कार देती है। तो आइये जानते हैं उन ख़ास इंडिकेशन के बारे में-
1)- इंजन लाइट का ब्लिंक करना:
आज के समय में तकरीबन हर कार में नई तकनीक और फीचर्स का इस्तेमाल किया जा रहा है और सभी कारों में इंज़न हेल्थ इंडिकेटर्स भी दिए जाते हैं। जो कि इंजन में आने वाली किसी भी आपातकालिन समस्याओं के बारे में इंजन लाइट ब्लिंक कर के संकेत देता है। इंस्ट्रूमेंट कंसोल में दिए जाने वाले इस 'चेक इंजन लाइट' पर नज़र रखना बहुत जरूरी है। यदि ये लाइट जल रही होती है ये सबसे बड़ा संकेत है कि आपकी कार के इंजन में कुछ समस्या है और बिना इस दिक्कत को दूर किए आप कार बिल्कुल भी ड्राइव न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल सर्विस सेंटर से संपर्क करें और इंजन की जांच करवाएं।
2)- अलग आवाज (नॉकिंग साउंड्स) आना:
कार ड्राइव करते समय हमेशा इंजन से आने वाली आवाज पर ध्यान देना चाहिएं। यदि इंजन में पर्याप्त ऑयल या ल्यूब्रिकेंट न हो तो क्रैंकशाफ्ट और पिस्टन रॉड के बीच तेजी से घर्षण होता है, जो कि नॉकिंग साउंड उत्पन्न करता है। शुरुआत में ये समस्या बहुत ही हल्की प्रतीत होती है, लेकिन यदि समय रहते इसका उपाय न किया जाए तो ये न केवल इरिटेटिंग हो जाता है बल्कि क्रैंकशाफ्ट को भी डैमेज कर सकता है। क्रैंकशाफ्ट और पिस्टन रॉड में आई खराबी के चलते आपका इंजन भी बंद हो सकता है।
3)- कमजोर एक्सेलरेशन:
ये एक बेहद ही आसान संकेत है, जिसे बहुत जल्द ही पहचाना जा सकता है। जब आप कार ड्राइव करते हैं और एक्सेलरेशन (Acceleration) के समय यदि आपकी कार उतना स्पीड नहीं पकड़ रही है, जितना कि नार्मल कंडिशन में चलती थी तो इससे आप समझ सकते हैं कि कार के इंजन को जांच की जरूरत है। एक्सलेटर पैडल पर एक्स्ट्रा प्रेशर देने की कत्तई जरूरत नहीं होती है, यदि आपको महसूस हो रहा है कि कार का इंजन पूरी उर्जा से परफॉर्म नहीं कर पा रहा है तो इसे एक गंभीर संकेत माने और इंजन की जांच करवाएं।
4)- जलती हुई गंध या धुएं का बनना:
ये एक बेहद ही आपात स्थिति होती है और ख़ासकर ये संकेत तब मिलता है जब आप उपर दिए गए तीनों संकेतों को नज़रअंदाज़ कर चुके होते हैं। इसे अंतिम चेतावनी के रूप में समझें, यदि आपकी कार के इंजन से जलने की गंध या फिर धुआं निकल रहा हो तो ये एक गंभीर समस्या हो सकती है। सामान्य तौर पर ऐसा तब देखने को मिलता है जब इंजन ऑयल बिल्कुल खत्म हो चुका होता है। ऐसी स्थिति में इंजन सीज़ होने की पूरी संभावना होती है।
नोट: यहां पर हमने उन सामान्य संकेतों के बारे में बताया जो आमतौर पर ज्यादातर वाहनों में देखने को मिलते हैं। इसके अलावा इंजन की स्थिति की जांच करवाकर आप पूरी कंडिशन को ठीक ढंग से समझ सकते हैं। समय-समय में अपने वाहन की सर्विसिंग करवाते रहें और व्हीकल मैनुअल में दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करें।
Updated on:
27 Dec 2021 05:05 pm
Published on:
27 Dec 2021 05:01 pm
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