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टाटा नैनो के भविष्य गहराएं संकट के बादल, कंपनी बंद कर सकती है इसका प्रोडक्शन!

 नैनो की लगातार घट रही मांग और इसके उत्पादन में आ रहे अधिक खर्च ने कंपनी इस बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है

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Kamal Singh Rajpoot

Jul 09, 2017

tata nano

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नई दिल्ली। टाटा संस के पूर्व चेयरमैन रतन टाटा का ड्रीम प्रोजेक्ट लखटकिया नैनो पर संकट के बादल मंडराने लगे है। नैनो की लगातार घट रही मांग और इसके उत्पादन में आ रहे अधिक खर्च ने कंपनी इस बारे में सोचने पर मजबूर कर दिया है। इतना ही नहीं य​दि टाटा को इस कार को भविष्य में बाजार में बनाए रखना है तो इसे तकनीक रूप से अपग्रेड करना जरूरी होगा, जिससे कि कंपनी का खर्च और बढ़ जाएगा।

मीडिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार टाटा नैनो की टेक्नोलॉजी को BS-IV तक अपग्रेड करने के लिए टाटा मोटर्स को इस प्रोजेक्ट पर निवेश करना होगा साथ में कार के क्रैश टेस्ट तकनीक को अपग्रेड करने में भी खर्च आएगा जिसके बाद कार की कीमत करीब एक लाख रुपए बढ़ जाएगी और नैनो की मौजूदा सेल को देखते हुए कंपनी इस प्रोजेक्ट पर ज्यादा निवेश करने की इच्छुक नहीं है। इतना ही नहीं कंपनी ने नैनो के किसी भी सप्लायर को BS-IV के लिए तैयार रहने के लिए भी नहीं कहा है।

ईंधन खपत नियमों के मुताबिक 2020 तक कार निर्माता कंपनियों को BS-IV तकनीक अपनाना जरूरी है साथ में 2019 तक कार क्रैश टेस्ट तकनीक को अपग्रेड करना भी जरूरी है। लेकिन टाटा नैनो की बिक्री लगातार कम हो रही है और कंपनी का यह प्रोजेक्ट लंबे समय से घाटे में चल रहा है, ऐसे में कंपनी इस प्रोजेक्ट पर ज्यादा पैसा नहीं लगाना चाहती है।

हालांकि टाटा मोटर्स के प्रवक्ता ने टाटा नैनो के बंद होने की अटकलों पर विराम लगाया है, उनका कहना है कि यह सेगमेंट कंपनी के लिए बहुत जरूरी है, उनके मुताबिक जिन मार्केट्स में नैनो की मांग रहेगी उनके लिए कंपनी इस कार को बनाना जारी रखेगी। अब देखना यह है कि इस तरह कम डिमांड के बावजूद टाटा नैनो मार्केट में कब तक टिक पाती है।

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